बुन्देलखण्ड का लोक नाट्य

बुन्देलखण्ड के नौटंकीबाज़

नौटंकी हाथरस शैली और कानपुर शैली दो मशहूर शैली से निकली बुन्देलखण्ड मे स्वांग के मिश्रण से स्थापित Bundelkhand Ke Nautankibaz का अलग ही विधान है। एक जमाना था जब…

कतकारियों का रहस

बुन्देली लोक संस्कृति मे कार्तिक स्नान महापर्व में कतकारियों का रहस Katkariyon Ka Rahas बुन्देलखंड की व्रत-परम्परा का अंग बन गया है। कार्तिक बदी एक से पूर्णिमा तक स्नान और…

Bhadeti Parampara भँड़ैती-परम्परा

बुन्देलखंड में भाँड़ों के लोकनाट्य को भँड़ैती या कहीं-कहीं नकल कहते हैं। Bhadeti Parampara का प्रचलन प्राचीन है, क्योंकि उसकी लोकधर्मी परम्परा ही नाट्यशास्त्रा में वर्णित ‘भाण’ उपरूपक के रूप…

Bundelkhand Ki Loknatya Parampara बुन्देलखंड की लोकनाट्य-परम्परा

बुन्देलखंड भारत का हृदय स्थल और Bundelkhand Ki Loknatya Parampara बुन्देली लोकभाषा के जन्म से पूर्व की है। बुन्देली का उद्भव आठवीं-नवीं शती में हुआ था, परन्तु उसके पूर्व बुन्देलखंड…

बुन्देलखण्ड के दर्शनीय स्थल

श्री प्रतापेश्वर धाम

यह प्रतापेश्वर महाराज धाम Shri Pratapeshwar Dham मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बोर्डर लहार से 17 km पर नावली माता मन्दिर फिर उससे 3 km की दूरी बंगरा रोड…

बगाज माता मंदिर टीकमगढ़

बुंदेलखंड का यह प्रसिद्ध बगाज माता मंदिर  Bagaj Mata Mandir टीकमगढ़ जिले से कुछ दूरी पर स्थित है। ऐसा मंदिर जहां जहरीले सांप बिच्छू का विष अपने आप उतर जाता…

विश्वनाथ मन्दिर- खजुराहो

विश्वनाथ मन्दिर Vishwanath Mandir 1002 ई0 में महाराजा धंगदेव द्वारा बनवाया गया तथा यह मन्दिर सुन्दर एवं अपनी शिल्प कला में खजुराहों के दूसरे मन्दिरों की विश्वनाथ मन्दिर तरह बेजोड़…

जालौन जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल

बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश जालौन जिले के धार्मिक स्थल और उनसे जुड़ी हुई धार्मिक आस्था , परंपराएं एवं ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ Jalaun Jile Ke Pramukh Dharmik Isthal इस प्रकार हैं…

बुन्देली का फाग साहित्य

सूरश्याम तिवारी-बुन्देली फाग साहित्यकार

सूरश्याम तिवारी Surshyam Tiwari (हमीरपुर) के निवासी थे। इनका जन्म संवत 1914 और मृत्यु संवत 1973 मानी जाती है। कवि के तीन ग्रन्थ उल्लेखनीय हैं (1) मनआनन्दकरण फाग (2) अधर…

प्रेमलता नीलम-बुन्देली फाग साहित्यकार

प्रेमलता नीलम Premlata Nilam 1954 में दमोह के एक सामान्य परिवार में जन्मी प्रख्यात कवियित्री और साहित्यकार हैं। उन्होंने हिन्दी साहित्य में पी. एच. डी. और संगीत में विशारद उपाधि…

श्याम सुंदर शुक्ल- बुन्देली फाग साहित्यकार

श्याम सुंदर शुक्ल Shyam Sundar Shukl पं. विष्णु दत्त शुक्ल  के यशस्वी परिवार में 17 दिसंबर 1940 को जन्मे । आपने  स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की तथा संगीत प्रभाकर की परीक्षा…

शिवराम शर्मा- बुन्देली फाग साहित्यकार

शिवराम शर्मा Shivram Sharma का जन्म महोबा में सम्वत् 1946 को हुआ था। इनके पिता पंडित परशुराम भी एक कुशल फागकार थे। शिवराम शर्मा छतरपुर नगर में हाईस्कूल के अध्यापक…

लोक कलाएं

बुन्देलखण्ड की लोक कथाएं

नाग-नागिन बुन्देली लोक कथा 

पूतगुलाखरी ने देखो कै एक लरका अपने गरे में एक मरी नागन डारें है, अर चिचया रओ है कै हाय मोरी नागन तें काँ गई ।नाग-नागिन Nag Nagin के किस्सा…