अजयपाल- बुन्देलखण्ड के लोक देवता

बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृति में लोकदेवताओं, ग्रामदेवताओं और सिद्ध पुरुषों का विशेष स्थान है। यहाँ के जनजीवन में अनेक ऐसे लोकदेवताओं के प्रति आस्था प्रचलित है, Ajaypal Bundelkhand Ke Lokdevta जिनका…

देवता, अदेवता और नृदेवता

बुंदेलखंड में Divine beings, non-divine beings, and god-like humans देवता, अदेवता और नृदेवता Devta, Adevta Aur nridevta तीनों पूजयनीय हैं । देवता वे हैं जो अपने देवत्व के कारण पूजित होते…

भक्ति आंदोलन में लोक देवता Folk Deities in the Bhakti Movement

एक लोकप्रसिद्ध उक्ति है- भक्ति द्राविड़ ऊपजी लाये रामानंद, जिसका आशय यह है कि भक्ति का मूल द्रविड़ों में है । यह सिद्ध हो चुका है कि मूर्तिपूजा और अवतार…

तोमर-काल में लोक देवता Folk Deities of the Tomar Period

ग्वालियर के तोमर नरेशों के संस्कृति और कला के प्रति अत्यधिक प्रेम के कारण ग्वालियर सांस्कृतिक केन्द्र बना और उसने तत्कालीन युग – चेतना को अपने में आत्मसात् कर इस…

चंदेल काल में लोक देवता Folk deities during the Chandela period

आल्हाखंड या आल्हा गाथाओं, कारसदेव की गोटों, कजरियन के राछरों, गहनई गाथा  आदि में Chandel Kal Men Lok Devta – लोकदेवों के उल्लेख किये गए हैं । आल्हा की हर…

पौराणिक काल में लोक देवता Folk deities in ancient times

वैसे तो गुप्त-काल में ही पुराणों का लेखन प्रारम्भ हो गया था, लेकिन इस युग की सीमा 5 वीं शती से 10 वीं शती तक मानना उचित है । पुराणों…

शिव काल में लोक देवता

शिव एक प्रभाव पूर्ण लोकदेव रहे हैं । Shiv Kal Men Lok Devta पहले वे लोकदेव थे, बाद में वैदिक देवता के रूप में प्रतिष्ठा पा गये और त्रिदेव में…

यक्ष काल में लोकदेवता Folk deities in the Yaksha period

इन्द्र अतिकाय और शक्तिशाली थे, लेकिन यक्ष भी विराट् काया और अपार शक्ति के स्वामी थे । इसलिए इस अंचल में Yaksh Kal Men Lok Devta यक्षदेव को ही प्रधान…

महाभारत काल में लोक देवता Folk deities in the Mahabharata period

महाभारत के आदि पर्व में छंद 17 से 27 तक के 11  छंदों में चेदिनरेश उपरिचर वसु द्वारा इन्द्र की पूजा और इन्द्रमह लोकोत्सव के आयोजन का उल्लेख है ।…

प्रागैतिहासिक लोक देवता Prehistoric folk deity

बुंदेलखंड ही नहीं अपितु सम्पूर्ण भारत में प्रागैतिहासिक लोक देवता Pragetihasik Lok Devta का आस्तित्व रहा है । बुंदेलखंड के आदिवासी पुलिंद, निषाद, शबर और गोंड़ ही लोकपूजा में प्रमुख…