बुन्देलखण्ड में गाँव -देहात मे साप्ताहिक या मासिक देवी की बैठकें Devi Ki Baithaken होती रहतीं हैं । पूजा के समय किसी व्यक्ति के सिर देवी आती हैं, इसी को…
Category: बुन्देलखण्ड की लोक देवियाँ

षष्ठी देवी- शिशु जन्म के छठवें दिन की पूजा
षष्ठी देवी Shashti Devi लोक में यह पूजा छठी नाम से जानी जाती है । शिशु जन्म के छठवें दिन यह पूजा महिलाएँ ही करती हैं। इसमें दीवाल पर गेरू…
शीतला माई – शीतला माता
वैशाख की अष्टमी या नौमी को शीतला माता के पूजन का विधान है। प्रातः मन्दिर में जाकर शीतला माई Shitala Mai को हलुवा, अठवाई, कौरी, फरा का भोग लगाते हैं…
वैमाता
संस्कार एवं भाग्य शक्ति मातृका हैं । बुन्देलखण्ड में प्रसव पीड़ा के समय घर की बुजुर्ग महिलाएँ कुलदेव, इष्टदेवी को मनाने के साथ ही वैमाता Vaimata वैमाता मैया की मनौती…
Rakshika Mai रक्षिका माई
रक्षिका माई Rakshika Mai का मतलब “रक्षा करने वाली माता” होता है। यह शब्द “रक्षिका” (जो रक्षा करने वाली हो) और “माई” (माता के लिए एक संबोधन) को मिलाकर बना है।…
माय पूजा- कुलदेवी का आवाहन
माय पूजा May Pooja साल में तीन बार होती है । चैत्र और क्वार माह की नवरात्रि पर नौमी के दिन एवं दीपावली पर, इसे माय भरना कहते हैं। स्त्रियाँ…
माई का मारग – शाक्त उपासक उत्सव
बुन्देलखण्ड में शाक्त उपासक नवरात्रि पर माई का मार्ग नामक उत्सव मनाते हैं। माई का मारग Mai Ka Marag में गुरु-शिष्य परम्परा के अनुसार ही माई दुर्गाजी की पूजा में…
महालक्ष्मी देवी पूजन
पितृपक्ष में आश्विन कृष्णपक्ष माह की अष्टमी को महालक्ष्मी देवी का पूजन होता है । Mahalaxmi Devi की इस पूजा व्रत को सुहागवती स्त्रियाँ अखण्ड सुहाग, धन धान्य, सुख-समृद्धि की…
दशारानी-बुन्देलखण्ड की लोक देवी
यह पूजा बुन्देलखण्ड में अपने मौलिक रूप से होती है । इसमें तिथि और मास का कोई विचार नहीं है । दशारानी Dasharani की पूजा से धनधान्य की वृद्धि होती…
गनगौर – माता पार्वती की पूजा
गनगौर Gangaur पार्वती की पूजा है । यह चैत्र शुक्ल तृतीया को होती है Gangaur का व्रत सुहागवती स्त्रियाँ अपने अखण्ड सुहाग की कामना करती हैं। ऐसा माना जाता कि…
