“सावनी” एक बुन्देली परंपरा

बुंदेलखंड का लोक जीवन प्रकृति से सामंजस्य की अदभुत जीवन शैली है। यहां की परंपरायें, यहाँ के त्यौहार, प्रकृति और लोक रंजन से जुड़े हुए हैं । बुन्देलखण्ड में सावन…

चरुआ – बुन्देली संस्कार पद्धति

बुन्देलखण्ड के संस्कार,परम्पराएं लोक विज्ञान पर आधारित हैं । संतान के जन्म के बाद प्रसूता को पीने के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था आवश्यक होती है । इस लिए…

जन्म संस्कार और गीत

मनुष्य को मनुष्यता प्राप्त करने के लिये अच्छे संस्कारों की आवश्यकता होती है, और हमारे देश में प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों ने जन्म के पूर्व से लेकर मृत्यु उपरान्त…

बुन्देली जन्म संस्कार परिचय

बुन्देलखण्ड अंचल में सोलह संस्कार विख्यात है । बीज दोष और गर्भदोष के निवारणार्थ तथा ‘ब्राह्मीय देह’ करने के लिए यहाँ जो कर्म किये जाते हैं, उन्हें ‘संस्कार’ कहते हैं।…

बुन्देलखण्ड के विवाह – वैवाहिक लोकाचार

भारतीय संस्कृति में मान्य सोलह संस्कारों में विवाह सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण संस्कार माना गया है। यह नर-नारी का वह पारस्परिक सम्बन्ध है, जो धर्म एवं नियम से आबद्ध है । बुन्देलखण्ड…

बुन्देली लोक संस्कार

बुन्देली लोक संस्कार (Bundeli Lok Sanskar) बुन्देलखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, लोकजीवन और धार्मिक आस्थाओं के अभिन्न अंग हैं। मानव जीवन को शुद्ध, परिष्कृत एवं संस्कारित बनाने के उद्देश्य से…

Bundelkhand ke Sanskar Geet बुन्देलखंड के संस्कार गीत

लोक साहित्य में लोक-भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति होती है। लोक का मन गंगा की तरह पवित्र तथा यमुना की तरह चंचल होता है। लोकमन जब उल्लास और उमंग से सरवोर…

Bundeli Vivah Sanskar बुंदेली विवाह संस्कार

सनातन धर्म मे विवाह को जीवन के एक अनिवार्य ‘संस्कार’ के रूप में माना जाता है। विवाह का आशय उत्तरदायित्व का निर्वाह करना है। पति-पत्नी के बीच जन्म जन्मांतरों का…