लोकसाहित्य लोकभाषा का वह साहित्य है, जो अपने अन्तर्निहित लोकत्व के कारण लोकमान्य होकर लोकगृहीत हो गया हो और लोकमुख में जीवित हो। Bundeli Lok Sahitya में लोकत्व के वे…
Category: बुन्देलखण्ड का सहित्य

How the folk literature and Hindi literature of Bundelkhand originated and developed and through which stages it reached here today.
Isuri Ki Chaukadiya ईसुरी की चौकड़ियां
Bundelkhand की बुन्देली भाषा के विख्यात महाकवि ईसुरी ने फाग विधा मे चौकड़िया फाग की रचना कर बुन्देली साहित्य को एक नई दिशा दी। Isuri Ki Chaukadiya मे जीवन दर्शन…
Isuri Ki Chaukadiya Fag ईसुरी की चौकड़ियां फाग
Bundelkhand की बुन्देली भाषा के विख्यात महाकवि ईसुरी ने फाग विधा मे चौकड़िया फाग की रचना कर बुन्देली साहित्य को एक नई दिशा दी। Isuri Ki Chaukadiya Fag मे जीवन…
Isuri Ka Jivan Parichay ईसुरी का जीवन परिचय
Bundelkhand की बुन्देली भाषा के विख्यात महाकवि ईसुरी ने फाग विधा मे चौकड़िया फाग की रचना कर बुन्देली साहित्य को एक नई दिशा दी। महाकवि का जीवन दर्शन और अध्यात्म…
Rani Bahu रानी बहू
“कछू नई। मायके की चरचा होन लगी सो अपने करम पै हमाए अँसुआ आ गए। ऐसी अभागन हैं हम कै न बाप, न मताई, न एकड़ भैया-बैन।” Rani Bahu ने…
Gauri Ki Kahani Gauri Ki Jubani गौरी की कहानी, गौरी की जुबानी
हमाई बीती से कोऊ खौं, नई गैल मिल सकत, काऊ की बिगरी बन सकत तो फिर जरूर सुनाओ चाहिए। काये… ? आज सबई खों सुनने Gauri Ki Kahani Gauri Ki…
Geet Me Basant Hai गीत में बसंत है
हमारे देश में बसंत उत्सव मनाने की परम्परा आदिकाल से रही है। यह उत्सव बसंत पंचमी के नाम से भी संबोधित होता आया है। एक ओर धार्मिक अनुष्ठान, सरस्वती पूजा…
Bundelkhand ke Patra- Pandulipi बुन्देलखंड की पत्र-पांडुलिपियाँ
इतिहास पिछली घटनाओं का विवरण है इतिहास का निर्माण करने वाली घटनाओं का संबंध व्यक्तियों, कालखंडों तथा स्थानों से रहता है। बुंदेलखंड की पर्व-रियासतों में सर्वेक्षण के अतंर्गत् उपलब्ध Bundelkhand…
Bundeli ka Mankikaran बुन्देली का मानकीकरण
बंदेली का व्यवहार क्षेत्र विस्तृत है। व्यवहार क्षेत्र के विला रूप विविधता दी है। रूप विविधता ने ध्वनियों को बहुवर्णी बनाया और क्रियारूप सर्वाधिक प्रभावित हुये। बुंदेली-अपनी शब्द सामर्थ्य, शैली…
Bundelkhand ke Sthan-Nam बुन्देलखंड के स्थान-नाम
पाणिनी ने अपनी अष्टाध्यायी में मध्य एशिया से लेकर कलिंग और सिंधु लेकर आसाम तक के स्थान नामों को सम्मिलित किया है। उनकी स्थान संबंधी शब्द-संपदा में देश, पर्वत, समुद्र,…
