Bundelkhand के महाकवि ईसुरी के रजऊ की फागों से इतने विवाद उत्पन्न हो गए थे तरह-तरह के ताने सुनने पड रहे थे, उनकी शान्ति छिन गई थी। Mahakavi Isuri शान्ति…
Category: बुन्देलखण्ड का सहित्य

How the folk literature and Hindi literature of Bundelkhand originated and developed and through which stages it reached here today.
Isuri Ke Kataksh ईसुरी के कटाक्ष
Bundelkhand के महाकवि ईसुरी Mahakavi Isuri ने फागों के माध्यम से समाज की कुप्रथाओं और उनके कुपरिणामों पर प्रकाश डालते हुए चिंतक की भूमिका निभाई है। Isuri Ke Kataksh जनमानस…
ईसुरी का आध्यात्म
Bundelkhand के महाकवि ईसुरी की आध्यात्म परक फागें अद्वितीय हैं। Isuri Ka Adhyatm समाज को चिंतन मनन के लिए प्रेरित करता है उन्होंने मनुष्य शरीर की क्षणभंगुरता को बडे़ आकर्षक…
ईसुरी की शिक्षाप्रद फागें
Bundelkhand के जनमानस को ज्ञान की दिशा देती हैं Isuri Ki Shikshaprad Fagen। जो अन्य कविओं की फागों ऐसा देखने को नहीं मिलता, यद्यपि उनके समकालीन कवियों गंगाधर व्यास, ख्याली…
