एक समय की बात है कि एक शहर मे तीन भाई Teen Bhai रहते थे और उसे शहर में एक जादूगरनी थी। वह रोज रात को बाज का रूप धरकर…
Category: बुन्देलखण्ड की लोक कथाएं

Folk tales of Bundelkhand. There are many such folk tales known somewhere in the rural areas of Bundelkhand which are very popular in the public mind and are useful in life.
Ghar Ki Laxmi घर की लक्ष्मी-बुन्देलखण्ड की लोक कथा
किसी नगर में एक सेठ रहते थे। सब तरह से भाग्यवान थे। चार पुत्र, घर-गिरस्ती का काम संभालने वाली सुन्दर बहुएँ, धन-धान्य, गाड़ी-घोड़े, नौकर-चाकर सब कुछ था। किसी बात की…
Giddhpari गिद्धपरी-बुन्देलखण्ड की लोक कथा
राजकुमार ने बैल को छोड़ दिया और जब गीध आया तो उसने गिद्धपरी को देने के लिये वचन ले लिया। गीध बेचारा घर आया और उसने गिद्धपरी Giddhpari को सारा…
कौड़ी वाली रानी-बुन्देलखण्ड की लोक कथा
एक-एक कौड़ी जोड़कर खजाना भरने वाली रानी को कौड़ी वाली रानी Kaudi Vali Rani कहा जाने लगा । एक-एक कौड़ी जोड़कर इतनी बड़ी रियासत को चलाना हिम्मत की बात हैं। किसी…
करम-रेख -बुन्देलखण्ड की लोक कथा
मनुष्य जो कर्म करेगा वही फल पाएगा कर्म के हिसाब से करम रेख Karam Rekh बनती है वही जीवन का निर्धारण करती है । किसी नगर में एक सेठ और…
बुन्देली लोककथा का उद्भव और विकास
बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृतिक वैदिक संस्कृति से भी अधिक पुरानी है। वैदिक काल में यहाँ आर्य संस्कृति का प्रवेश नहीं हुआ था, क्योंकि उत्तर वैदिक साहित्य में ही नर्मदा नदी का…
केतकी के फूल- बुन्देली लोक कथा
एक बार किसी राजा की रानी स्नान करके धूप में बैठ अपने बाल सुखा रही थी। इसी समय सपरना की छत पर बैठे दो पक्षी सुआ-सारो आपस में बातचीत कर…
राजा जगदेव गाथा – हिन्दी अनुवाद
राजा जगदेव गाथा Raja Jagdev Gatha हिन्दी रूपांतरण पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है इस गाथा में राजा जगदेव की आदिशक्ति दुर्गा माता की भक्ति भावना को दर्शाती है जहां देवी…
महालक्ष्मी की कथा (बुन्देली)
जा कथा कैबे के पैला महालक्ष्मी की कथा Mahalaxmi Ki Katha के दिना घर के बड़े बूढ़े सूक्ष्म रूप में ई कथा खौं ऐसी कन लगत ‘आमौती दामौती रानी पोला…
बाबाजू-बुन्देली लोक कथा (बुन्देली)
एक गाँव में एक गरीब बामुन कौ परवार रत्तो। परिवार में पति-पत्नी उर दो ठौवा लरका हते। भलेई उनकौ परिवार हल्कौ सो हतो। तोऊ इतनी गरीबी हती कै दो-दो दिन…
