नाग-नागिन बुन्देली लोक कथा 

पूतगुलाखरी ने देखो कै एक लरका अपने गरे में एक मरी नागन डारें है, अर चिचया रओ है कै हाय मोरी नागन तें काँ गई ।नाग-नागिन Nag Nagin के किस्सा…

धोखेबाज मंत्री- बुन्देली लोक कथा

ऐसई ऐसे विजेगढ़ राज में सोमनाथ नाव के एक राजा हते । वे सबई बातों में अच्छे हते, अपनी रैयत खाँ बाल बच्चों जैसो मानत हते। एक बेर उन राजा…

प्रण (प्रतिज्ञा )-बुन्देली लोक कथा

एक समय की बात है कै इते के राजा के कुँवर अपने घोड़ा पै बैठकें शिकार खेलवे जा रये हते। वे अपनो घोड़ा दौड़ात जा रयेते सो वे दूसरे राजा…

तुरत दान महापुन्न

येई नगर में एक गरीब बामन राततों बो अपने परवार को पालन भीक मांगकें करततो। कछू दिनों तक ऐसई चलो फिर इनकें एक कन्या को जनम भव । वामन की…

चौंतरा पे बंदी दो लुगाई

पटैल बब्बा के संगेवारों एक गाँव में सौदा सामान लैवे गव सो वो का देखत हे कै एक Chontara Pe Bandi Do Lugai चौतरा पे बंदी दो लुगाई  दोई हतकड़ी…

का करौं कैसो करों – बुन्देली लोक कथा

पूतगुलाखरी पटैल बब्बा सें पूछवे गये के बब्बा एक महल में जनी मारी डरी ती और आदमी जोर-जोर से चिल्या रये हतें Ka Karfen Kaiso Karon ‘का करों, कैसो करों’…

करो अर करकें न जानों-बुन्देली लोक कथा 

एक बेर की बात है के कौनऊ गाँव चौगड्डा पे एक लुगाई की लास डरी हती। ओकी घींच धड़ के संगे ने हती। दिन डूबे उतई से चार बाईचारें निकरीं…

करम को लिखो नई टरे- बुन्देली लोक कथा 

ऐसई – ऐसे एक राजा हते। उनके राज में एक बड़ो चतुर पंडत रेततो । वो पंडत जेको ह देखकें जो कछू बतावै सो बोई होबे । ऊ पंडत की…

कटो मूड़ लटकाएं -बुन्देली लोक कथा

पूतगुलाखरी पटैल के संग बारे ने देखो के एक खबसूरत लुगाई साँकरों सें बंदी है बा गरे में एक Kato Mood Latkayen कटो मूड़ लटकाएं है। ओ लुगाई खों राजा…

कछू तो करनेई परहे- बुन्देली लोक कथा 

पूतगुलाखरी ने गैल में का देखो के एक आदमी बिल्कुल पागलई सो फिर रओ है ओर चिल्यात जा रओ  हतो के ‘कछू तौ करनेई परहे’ Kachhu To Karnei Parhe सो…