Bhartiya Kala Ke Pratikatmak Vishay भारतीय कला के प्रतीकात्मक विषय

भारतीय कला के जो वर्ण्य विषय हैं, वस्तुतः उनका महत्व सबसे अधिक है। उनमें भारतीय जीवन और विचारों की ही व्याख्या मिलती है। Bhartiya Kala Ke Pratikatmak Vishay की विशेषता…

Bhartiya Kala Me Lok Jivan भारतीय कला मे लोक जीवन

भारतीय कला की एक विशेषता उसमें अंकित सांस्कृतिक जीवन की सामग्री है। राजा और प्रजा दोनों के ही जीवन का खुल कर चित्रण किया गया है। Bhartiya Kala Me Lok…

Bhartiya Kala Ki Kalpana भारतीय कला की कल्पना

भारतीय सौन्दर्यशास्त्र के अनुसार कला के चार अंग माने गए हैं– 1-रस 2-अर्थ 3-छन्द 4-रूप  ( काव्य के लिए रूप के स्थान पर शब्द का प्रयोग होता है।) भारतीय कला…

Bhartiya Kala Ka Swaroop भारतीय कला का स्वरूप

प्राचीन भारतीय कला को उसकी विशेषताओं के आधार पर धार्मिक और लौकिक दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है। प्राचीन भारत के लगभग समस्त कलात्मक अवशेषों का स्वरूप धार्मिक…

Hindu Dharm Aur Sanskriti हिन्दू धर्म और संस्कृति  

आधुनिक काल में यह प्रश्न   Hindu Dharm Aur Sanskriti क्या है ?  भारतीय संस्कृति को हिन्दू संस्कृति के रूप में मान्यता देने की परंपरा रही है। भगवतशरण उपाध्याय के अनुसार…

Bhartiya Sanskriti Me Bhashagat Visheshtayen भारतीय संस्कृति में भाषागत विशेषताएं

आदि काल से भारत के अनेक क्षेत्रों मे अनेक भाषा और बोलियों का प्रचालन था Bhartiya Sanskriti Me Bhashagat Visheshtayen भारत की संस्कृति को श्रेष्ठतम बनाती हैं। भारत में आर्यों…

Varna Aur Jati Pratha भारतीय संस्कृति में वर्णऔर जाति प्रथा

भारतीय समाज चार वर्णों वाले विभाजन पर आधारित है , यही कारण है कि Varna Aur Jati Pratha भारतीय समाज मे पूर्णता समाहित है जिसमें जन्म और वंश का महत्व था।…

Bhartiya Sanskriti Par Prabhav भारतीय संस्कृति पर प्रभाव

भारत में आकर बसने तथा यायावर/खानाबदोस जीवन का परित्याग करने के साथ ही आर्यों ने ऋग्वेद में दूसरे देशों के जो साहित्यिक और सांस्कृतिक शब्द सम्मिलित किए, उससे उनकी संस्कृति…

Karm Aur Punarjanam कर्म और पुनर्जन्म

कर्मवाद का सिद्धांत हिन्दू धर्म का एक अभिन्न अंग था। Karm Aur Punarjanam के कार्यों का अविज्ञात रूप था और यद्यपि जैन धर्म की भांति हिन्दू धर्म के अन्तर्गत यह…

Bahudevvad Aur Avtarvad बहुदेववाद और अवतारवाद

धर्म के क्षेत्र में देखें तो हिन्दू मत में Bahudevvad Aur Avtarvad की अवधारणा हैं, इस्लाम एक ईश्वरवादी है, तो बुद्ध अनीश्वरवाद को मानते दिखाई देते हैं। हिन्दू मत में कुछ…