Bundelkhand Ki Nariyan Aur Lok-Kalayen बुन्देलखंड की नारियाँ और लोक-कलायें

भारत का हृदय प्रदेश बुंदेलखंड त्याग और बलिदान का क्षेत्र है। यह क्षेत्र अपनी संस्कृति, कला और भाषायी अस्मिता के लिये अपना विशिष्ट महत्त्व है। यहाँ की परम्परायें और संस्कृति…

Bundelkhand ke Sanskar Geet बुन्देलखंड के संस्कार गीत

लोक साहित्य में लोक-भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति होती है। लोक का मन गंगा की तरह पवित्र तथा यमुना की तरह चंचल होता है। लोकमन जब उल्लास और उमंग से सरवोर…

Varsha Ritu Ke Geet  वर्षा ऋतु के गीत

बुन्देलखंड में लोक संस्कृति में प्रकृति का सानिध्य हमेशा से रहा है। प्रकृति जीवन का पर्याय है। प्रकृति और ऋतु-परिवर्तन एक दूसरे की पूरक हैं। जेठ मास की गर्मी से…

Bundelkhand Me Basant बुन्देलखंड में वसंत

वसंत का आगमन माघ शुक्ल पंचमी से माना जाता है। Bundelkhand Me Basant के आने से आनंद, उल्लास लय एवं रस और भावों से लबालवी बाढ़-सी आने लगती है। प्रकृति…

Striyon ke Pair ke Abhushan स्त्रियों के पैर के आभूषण

भारतीय संस्कृति के सोलह श्रंगारों मे Striyon ke Pair ke Abhushan बहुत महत्वपूर्ण है। इन्हीं सोलह श्रंगारों में बुन्देलखंड की स्त्रियों के पैर के आभूषण (Bundelkhand’s Women’s Foot jewelry) का…

Bundelkhand Ke Lok Devta बुन्देलखण्ड के लोक-देवता