Datiya Jile Ki Sanskriti दतिया जिले की संस्कृति

संस्कृति सहानुभूति का वातावरण निर्मित करती है। एक दूसरे को परस्पर जोड़ने का प्रयन्न करती है। संस्कृति हमारी आत्मा का गुण है। प्रेम का भाव है। Datiya Jile Ki Sanskriti…

Bundelkhand Me Jaldharaon Ki Archan बुन्देलखंड में जलधाराओं की अर्चन-परम्परा

Bundelkhand Me Jaldharaon Ki Archan की परम्परा संस्कृत साहित्य से पल्लवित हुई है। विश्व की अन्य महत्वपूर्ण सभ्यताओं में भी जल के महत्व को स्वीकार किया गया है। मिश्र निवासियो…

Bundeli ka Mankikaran बुन्देली का मानकीकरण

बंदेली का व्यवहार क्षेत्र विस्तृत है। व्यवहार क्षेत्र के विला रूप विविधता दी है। रूप विविधता ने ध्वनियों को बहुवर्णी बनाया और क्रियारूप सर्वाधिक प्रभावित हुये। बुंदेली-अपनी शब्द सामर्थ्य, शैली…

Bundelkhand ke Sthan-Nam बुन्देलखंड के स्थान-नाम

पाणिनी ने अपनी अष्टाध्यायी में मध्य एशिया से लेकर कलिंग और सिंधु लेकर आसाम तक के स्थान नामों को सम्मिलित किया है। उनकी स्थान संबंधी शब्द-संपदा में देश, पर्वत, समुद्र,…

Kritaghn कृतघ्न

इंसान कब ,कहाँ और कैसे Kritaghn कृतघ्न हो जाता है ??  ‘‘सर! मुरादाबाद से तीन बार फोन आ चुका है, कोई बुजुर्गवार महिला हैं, कह रही थीं, आप ही से…

Bundeli Kavya Saundarya बुंदेली काव्य सौन्दर्य

बुंदेली लोककाव्य मे कवियों ने सौन्दर्य को तरह–तरह से परिभाषित किया है। Bundeli Kavya Saundarya मे बुन्देलखंड के लोक जीवन की सरसता, मादकता, सरलता और रागयुक्त संस्कृति की रागिनी से…

Bundelkhand Ke Loknritya बुन्देलखण्ड के लोकनृत्य

बुंदेलखंड में विभिन्न लोकनृत्यों का प्रचलन है। बुंदेली लोक नृत्य में विभिन्न प्रकार के गीतों का गायन होता है। बुंदेलखंड में लोकप्रिय लोकनृत्य मे बधाई नृत्य, बरेदी नृत्य, होली नृत्य,…

Bundelkhand Ka Lok Jivan बुन्देलखण्ड का लोक जीवन

Bundelkhand ki Mamuliya बुन्देलखंड की मामुलिया/महबुलिया

बुन्देलखंड की बालिकाओं का खेलपरक पर्व मामुलिया/महबुलिया       बुन्देलखंड मे मामुलिया के इस खेल में बालिकायें बेर अथवा बबूल की एक कँटीली टहनी लेती हैं और उसे किसी…

Bundeli Jhinjhiya/ Dhiriya बुन्देली झिंझिया/ढिरिया

यह त्योहार बुंदेलखंड का खेल परक लोक पर्व है। Bundeli Jhinjhiya/ Dhiriya एक मटकी के ऊपरी भाग में चारों ओर छेद कर लिए जाते हैं। फिर आधे भाग में राख…