एक गाँव में एक गरीब बामुन कौ परवार रत्तो। परिवार में पति-पत्नी उर दो ठौवा लरका हते। भलेई उनकौ परिवार हल्कौ सो हतो। तोऊ इतनी गरीबी हती कै दो-दो दिन…
Category: बुन्देलखण्ड का सहित्य

How the folk literature and Hindi literature of Bundelkhand originated and developed and through which stages it reached here today.
बादाम देश- बुन्देली लोक कथा
सात समुंदर पार बादाम देश Badam Desh की राजकुमारी कौनऊ कारण बस धरती पे आ गई ती ऊतए एक राजा रत्तो। वौ बड़ौ प्रतापी उर बलवान राजा हतो। ऊके राज में…
पसीना की कमाई- बुन्देली लोक कथा
ऐसैं-ऐंसैं एक शिहिर में एक भौत बड़े दानी राजा रत्ते। उनके लिंगा सैं कभऊँ कोनऊ भूकौ भिखारी निरूगौ नई जा पाव। वे हर माँगबे वारे की मनसा पूरी करत रत्ते।…
डायन- बुन्देली लोक कथा
एक शहर में एक बड़े प्रतापी राजा रत्ते। जनता उनें देवता की घाँई पूजत ती। जाँ हुन राजा की सबारी कड़तती, जनता उनके गोड़न पै गिर परत ती। एक बेर…
परियँन कौ खेल-बुन्देली लोक कथा
हवा में लठठ घाले सें आम नईं गिरत कभऊँ -कभऊँ हवा में लठठ घाले सें परियँन कौ खेल Pariyan Ko Khel दिखा जात? एक गाँव में एक भौतई सूदे सादे…
पई-पई करत फिरो-बुन्देली लोक कथा
ई कहावत कौ सोऊ बुन्देलखण्ड में भौतई प्रयेाग करो जात। पई-पई करत फिरो Pai -Pai Karat Firo ई कहावत की सोऊ एक हल्की सी कानियाँ है। एक गाँव में एक…
नारी कौ चरित्र-बुन्देली लोक कथा
सई कत नारी कौ चरित्र Nari Ko Charitra सबकी समज में नई आत । रमसाँई भइया गाँव के अच्छे खाते पीते भले आदमी हते। उन्ने अपनी मैंनत के बल पै…
नाग देवता-बुन्देली लोक कथा
नाग देख के डर लगत कऊं काट न लेबे लेकन कछू नाग देवता Nag Devta भी होत । एक गाँव में एक गरीबला सो परिवार रत तो। ऊ परिवार में…
धरम कौ संग-बुन्देली लोक कथा
बड़े पुराने कत ते की धरम कौ संग Dharam Ko Sang कभऊं नई छोड़ो चईए कायसें धरम छोड़ो तो कर्म बिगड़ जात । एक सिहिर में एक धर्मात्मा राजा रत्तो।…
दिलबर चोर- बुन्देली लोक कथा
एक बड़े शिहिर में एक शातिर चोर रत्तो। जीकौ नाँव हतो दिलबर चोर Dilbar Chor । ऊके काजे कोनऊ काम असम्भव नई हतो। जो कछू वौ बिचार लेत तो सौ…
