राजा जगदेव गाथा Raja Jagdev Gatha हिन्दी रूपांतरण पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है इस गाथा में राजा जगदेव की आदिशक्ति दुर्गा माता की भक्ति भावना को दर्शाती है जहां देवी…
Category: बुन्देलखण्ड का सहित्य

How the folk literature and Hindi literature of Bundelkhand originated and developed and through which stages it reached here today.
राजा जगदेव गाथा – काव्य
राजा जगदेव गाथा Raja Jagdev Gatha हिन्दी रूपांतरण पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है इस गाथा में राजा जगदेव की आदिशक्ति दुर्गा माता की भक्ति भावना को दर्शाती है जहां देवी…
धाँदू भगत गाथा- हिन्दी अनुवाद
बुन्देलखण्ड की लोक गाथा धाँदू भगत गाथा Dhandu Bhagat Gatha हिन्दी अनुवाद कर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है कथा के अनुसार ढाँदू भगत माता हिंगलाज की अद्भुत भक्ति की गाथा है…
धाँदू भगत गाथा-काव्य
धाँदू भगत गाथा Dhandu Bhagat Gatha बुन्देलखण्ड की लोक प्रसिद्ध लोक गाथा है । धाँदू भगत माता हिंगलाज की अद्भुत भक्ति की गाथा है । भोले भाले भक्त ढाँदू के…
गहनई लोक गाथा – हिन्दी अनुवाद
गहनई लोक गाथा Gahnai Lok Gatha हिन्दी अनुवाद पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है, गोचारण के लिए जाते समय या गोचारण के बाद लौटते समय अहीरों द्वारा गाया जाता है। अहीरों…
गहनई लोक गाथा – काव्य
गहनई लोक गाथा Gahnai Lok Gatha गोचारण के लिए जाते समय या गोचारण के बाद लौटते समय अहीरों द्वारा गाया जाता है । अहीरों के समूह अपने-अपने खिरकों से गायें…
ऐंगंर बैठ लेव कछु कानें
महाकवि ‘ईसुरी’ का नाम सुनते ही हमारे मन मस्तिष्क में उनकी फागों की विभिन्न छबियाँ मंडराने लगती हैं । लेकिन ‘फाग’ शब्द आते ही हमें विभिन्न रंगों में रंगे होली…
धर्मासांवरी–बुन्देली लोक गाथा (कथानक )
यह लोकगाथा बुन्देलखण्ड की चरागाही संस्कृति पर आधारित दाम्पत्य-परक समस्या को केन्द्र में रखकर चलती है। Dharmasanvari Lokgatha चिड़िया धरमासांवरी और चिड़वा दंग रिछरिया का विवाद बच्चों के बँटवारे को लेकर…
धर्मासाँवरी -बुन्देली लोक गाथा (काव्य)
यह लोकगाथा बुन्देलखण्ड की चरागाही संस्कृति पर आधारित दाम्पत्य-परक समस्या को केन्द्र में रखकर चलती है। चिड़िया Dharmasanvari और चिड़वा दंग रिछरिया का विवाद बच्चों के बँटवारे को लेकर है।…
महालक्ष्मी की कथा (बुन्देली)
जा कथा कैबे के पैला महालक्ष्मी की कथा Mahalaxmi Ki Katha के दिना घर के बड़े बूढ़े सूक्ष्म रूप में ई कथा खौं ऐसी कन लगत ‘आमौती दामौती रानी पोला…
