ऐसई – ऐसे एक राजा हते। उनके राज में एक बड़ो चतुर पंडत रेततो । वो पंडत जेको ह देखकें जो कछू बतावै सो बोई होबे । ऊ पंडत की…
Category: बुन्देलखण्ड का सहित्य

How the folk literature and Hindi literature of Bundelkhand originated and developed and through which stages it reached here today.
कटो मूड़ लटकाएं -बुन्देली लोक कथा
पूतगुलाखरी पटैल के संग बारे ने देखो के एक खबसूरत लुगाई साँकरों सें बंदी है बा गरे में एक Kato Mood Latkayen कटो मूड़ लटकाएं है। ओ लुगाई खों राजा…
कछू तो करनेई परहे- बुन्देली लोक कथा
पूतगुलाखरी ने गैल में का देखो के एक आदमी बिल्कुल पागलई सो फिर रओ है ओर चिल्यात जा रओ हतो के ‘कछू तौ करनेई परहे’ Kachhu To Karnei Parhe सो…
उल्टो बुकरा-बुन्देली लोक कथा
पूतगुलाखरी ने एक गाँव में एक बुकरा खों उल्टो टंगो देखो तो वो उल्टो बुकरा Ulto Bukra एक आँख सें रोउततो अर एक सें हँसततो । ऊने पटैल सें एको…
उठो माई देव दच्छना-बुन्देली लोक कथा
गाँव में माँगनों फिरतरात, चिल्लातरात Utho Mai Dev Dachchhana ‘उठो माई देव दच्छना’। कौनऊ शिहर में एक मुखिया जू हते, उनकी पूरे इलाके में भौत चलती हती । मनो उनकी…
रानी फूलवती-बुन्देलखण्ड की लोक कथा
बिलहरा राज्य का रानी फूलवती किस्सा Rani Phoolvati Kissa बहुत मशहूर है बिलहरा राज्य के राजा के चार राजकुमार थे। चारों कुमार विवाह योग्य थे, लेकिन अभी तक उनके विवाह…
सोने की चिड़िया- बुन्देलखण्ड की लोक कथा
आधी रात के सन्नाटे में सोने की चिड़िया Sone Ki Chidiya आती है और सोने का शरीफा ले जाती है । सोने की चिड़िया कहाँ से आती है ? एक…
रानी फूलवती-बुन्देली लोक कथा
फिर बो समय आ गओ राजकुमार रानी फूलवती Rani Phoolvati को लेंकें राजधानी पौंच गए । कुमार के आबे पे राजा ने बड़ी खुशी मनाई। मोचायने की तैयारी होन लगी।…
रानी चकचुइयाँ और राजा शलिवाहन
बुरे व्यक्त में फसे सियार और उसकी पत्नी रानी चकचुइयाँ और राजा शलिवाहन Rani Chakchuiya Aur Raja Shalivahan बन कर जंगल के राजा शेर को कैसे भ्रमित करते हैं! किसी…
राजा वीर विक्रमादित्य
बहुत समय की बात है राजा वीर विक्रमादित्य Raja Veer Vikrmaditya उज्जैन में राज करते थे। वे ब्राह्मणों को बहुत मानते थे। इसीलिये किसी ब्राह्मण को वे नौकरी में नहीं…
