जिला मुख्यालय छतरपुर से सत्रह किलोमीटर पूर्व में पन्ना रोड पर स्थित ग्राम बसारी में 8 जून 1960 को Dr. Kunjilal Patel ‘Manohar’ का जन्म हुआ। इनके पिताजी का नाम…
Category: बुन्देलखण्ड का सहित्य

How the folk literature and Hindi literature of Bundelkhand originated and developed and through which stages it reached here today.
ठाकुर हरनारायन सिंह ‘यार’ की रचनाएं
प्रकृति के सुरम्य परिवेश में स्थित अजयगढ़ जिला पन्ना में ठाकुर हरनारायन सिंह ‘यार’ का जन्म आश्विन विजयादशमी सम्वत् 1973 ( सन 1916) को हुआ था। इनके पिता का नाम…
शंकर लाल वर्मा ‘ललितेश’ की रचनाएं
कविवर श्री शंकर लाल वर्मा ‘ललितेश’ का जन्म सन् 1933 ई. में छतरपुर में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री बेनीकवि था। पिताजी एक अच्छे कवि थे और बेनी…
किशोरी लाल जैन ‘किशोर’ की रचनाएं
श्री किशोरी लाल जैन ‘किशोर’ का जन्म 5 दिसम्बर सन् 1927 को छतरपुर जिले के दूरस्थ अँचल में स्थित बकस्वाहा में हुआ। इनके पिता का नाम श्री मानिक चन्द्र जैन…
शिवसहाय दीक्षित की रचनाएं
कवि श्री शिवसहाय दीक्षित का जन्म ग्राम पठा तहसील महरौनी जिला ललितपुर उत्तरप्रदेश में विक्रम संवत् 1988 के आश्विन मास की शुक्ल चतुर्थी गुरुवार तदनुसार 15 अक्टूबर 1931 को पिता…
जैतराम धमैनियाँ ‘जैत’ की रचनाएं
उत्तरप्रदेश के झाँसी जनपद के मऊरानीपुर नगर में स्वर्गीय पं. बल्देव प्रसाद धमैनियाँ और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सरजूबाई के घर मे 1 अगस्त सन् 1928 को जिस बालक ने जन्म…
जगदीश सिंह परमार की रचनाएं
कवि श्री जगदीश सिंह परमार का जन्म टीकमगढ़ में 9 जुलाई सन् 1948 को श्री गजराज सिंह के घर हुआ। इनकी माता का नाम श्रीमती कंचन कुँवर था। ये तीन…
जगदीश प्रसाद रावत ‘जगदीश्वर’ की रचनाएं
जगदीश प्रसाद रावत ‘जगदीश्वर’ की रचनाएं Jagdeesh Prasad Rawat ‘Jagdeeshwar’ का जन्म टीकमगढ़ जिले के ग्राम मालपीथा में श्री आशाराम रावत एवं श्रीमती राजकुमारी रावत के घर 10 जुलाई 1957…
हरप्रसाद गुप्त ‘हरिहर’ की रचनाएं
श्री हरप्रसाद ‘हरिहर’ का जन्म विक्रम सम्वत 1988 के वैशाख मास की जानकी नवमी के दिन मध्य प्रदेश के जिला छतरपुर के ग्राम, लखनगुवां में हुआ। आपकी माता श्रीमती राजदुलारी…
हरी विष्णु अवस्थी की रचनाएं
हरी विष्णु अवस्थी का जन्म ओरछा राज्य के टीकमगढ़ में फाल्गुन कृष्ण पंचमी संवत् 1989 अर्थात् 15 फरवरी 1933 को हुआ, आपके पिताजी का नाम पं. रामकिशोर अवस्थी तथा माताजी…
