अब के गए कबै तुम आ हौ, वो दिन हमें बताओ

अब के गए कबै तुम आ हौ, वो दिन हमें बताओ। होय आधार तनक ई जी खां, ऐसी स्यात धरायो। जल्दी खबर लियौ जो जानों, इन प्रानन खां चाओ। ईसुर…

महाकवि ईसुरी की प्रभाती

जीवन श्री जगन्नाथ जाल सों निनोरो और भूलौ ना भली होत, भजन सी दबाई। महाकवि Isuri Ki Prabhati जिन्हें वे नित्य प्रातः गाया करते थे…। एक श्रेष्ठ साहित्यकार की पहचान। प्रभाती…

चँदना और सबल सुनार- बुन्देली लोक कथा

नायिका ’चँदना‘ जिसका प्रेम सबल सुनार से हो गया था। Chandana Aur Sabal Sunar के प्यार की चर्चा गली-गली होने लगी थी। इस बदनामी से रक्षा के लिए उसकी भौजी…

अपनो देस बुन्देलन बारो

अपनो देस बुन्देलन बारो अपनो देस बुंदेलन बारो । Apno Des Bundelan Baro.   महतारी बुन्देलन भूमि, है सूरज पिता हमारो । अपनो देस बुंदेलन बारो ॥   अभउँ बुंदेल खण्ड…

बुंदेली के गीत गजल की का कैनें

बुंदेली के गीत गजल की का कैनें फाग लावनी के दंगल की का कैनें । बुंदेली के गीत गजल की का कैनें॥ राई, कहरवा, गोटें, गारीं, लमटेरा । नचै काँडरा…

बुन्देली की उपबोलियाँ

बुदेली बुन्देलखण्ड भाषा है। यह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मध्य बसे बुन्देलखण्ड के लोगों द्वारा बोली जाने वाली लोक भाषा है। बुंदेली भाषी क्षेत्र की सीमाओं के संबंध…

पिरकिती: बुन्देली लघुकथा

बुंदेलखंड के रैबे बाय और दिल्ली में सरकारी पाठसाला के मास्साब दीपराज सिंघ की बिटिया नित्या सिंघ कुसबाहा, जौन अबे आठई साल की हैगी। बा अपनी जेठ मासन की इसकूल…

कवि लल्लूमल चौरसिया की रचनाएं

छतरपुर जिले की तहसील बिजावर में स्थित ग्राम पिपट में Kavi Lallumal Chaurasiya का जन्म 30 दिसम्बर 1943 को श्री चंदूलाल जी चौरसिया के घर हुआ। इनकी माताश्री का नाम…

नारायण दास सोनी ‘विवेक’ की रचनाएं

बुन्देली के कवि Narayan Das Soni ‘Vivek’ का जन्म 11 सितम्बर सन् 1938 को टीकमगढ़ में हुआ। इनके पिता जी का नाम श्री मट्ठू लाल सोनी तथा माता जी का…

नवल किशोर सोनी ‘मायूस’ की रचनाएं

कवि Naval Kishor Soni ‘Mayus’ का जन्म छतरपुर में श्री ठाकुर दास सोनी ‘करइया’ के यहाँ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मुन्नी देवी की कोख से 5 जुलाई सन् 1941 को हुआ।…