जिदना लौट हेरती नइयां, बुरऔ लगत है गुइयां। सूक जात मौं बात कड़त ना, मन हो जात मरैयां। दुविदा होत तौन के डारो, तुम ही जान करइयां। ईसुर पानी भरन…
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जानै कौन बाज दिन खाई, मित्र न देत दिखाई
जानै कौन बाज दिन खाई, मित्र न देत दिखाई। दीनी छोड़ लाज परिजन की, कुल की शान गमाई। सास-ससुर छोड़े ससुरे में, चली मायके आई। बरै भाग कोऊ अपनो न…
चलतन परत पैजना छमके, पांवन गोरी धन के
चलतन परत पैजना छमके, पांवन गोरी धन के। सुनतन रोम-रोम उठ आवत, धीरज रहत न तनके। छूटे फिरत गैल-खोरन में, ये सुख्तार मदन के। करवे जोग भोग कुछ नाते, लुट…
कैसे मिटै लगी कौ घाओ, ई की दवा बताओ
कैसे मिटै लगी कौ घाओ, ई की दवा बताओ। दिन या रात चियारें परतीं, ज्वर ना खाए चाओ। गुनिया और नावते हारे, खेल-खेल के माओ। कात ईसुरी कैसे करिए, चलत…
करके प्रीत करे सौ जाने, कात की कोउ न माने
करके प्रीत करे सौ जाने, कात की कोउ न माने। दाबन लगे दूर से नकुआ, लासुन भरे बसाने। काने कछू-कछू कै आवै, ना रए बुद्धि ठिकाने। बिगरे कैउ आ दिन…
इनकी बोलन भौतउ साजी, सुने होत मन राजी
इनकी बोलन भौतउ साजी, सुने होत मन राजी । कड़ते बोल कोकिला कैसे, दवा कौन खां माजी। रोजउं-रोजउं हँसती रातीं, बोले से कओ आंजी। ईसुर कभऊं काउ पै ना भई,…
अबकी बेर बिछुरतन मरने, का जाने तोय करने
अबकी बेर बिछुरतन मरने, का जाने तोय करने। तुम सुख चाओ हमे दुख दैकें, तोरौ जनम बिगरने। मोरी कौन ख़बर राने जब, तोय खसम संग परने। दूर से लखें रजऊ…
अब के गए कबै तुम आ हौ, वो दिन हमें बताओ
अब के गए कबै तुम आ हौ, वो दिन हमें बताओ। होय आधार तनक ई जी खां, ऐसी स्यात धरायो। जल्दी खबर लियौ जो जानों, इन प्रानन खां चाओ। ईसुर…
Isuri Ke Ram ईसुरी के राम
मथुरा बृंदावन से वापस आकर महाकवि ईसुरी एक वर्ष तक चित्रकूट में रहे और वहाँ अनेक सतसंगों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीलाओं को सुना गुना और फिर…
Isuri Ke Radhe Shyam ईसुरी के राधे श्याम
Bundelkhand के महाकवि ईसुरी के रजऊ की फागों से इतने विवाद उत्पन्न हो गए थे तरह-तरह के ताने सुनने पड रहे थे, उनकी शान्ति छिन गई थी। Mahakavi Isuri शान्ति…
