Isuri Ke Kataksh ईसुरी के कटाक्ष

Bundelkhand के महाकवि ईसुरी Mahakavi Isuri ने फागों के माध्यम से समाज की कुप्रथाओं और उनके कुपरिणामों पर प्रकाश डालते हुए चिंतक की भूमिका निभाई है। Isuri Ke Kataksh जनमानस…

ईसुरी का आध्यात्म

Bundelkhand के महाकवि ईसुरी की आध्यात्म परक फागें अद्वितीय हैं। Isuri Ka Adhyatm समाज को चिंतन मनन के लिए प्रेरित करता है उन्होंने मनुष्य शरीर की क्षणभंगुरता को बडे़ आकर्षक…

ईसुरी की शिक्षाप्रद फागें

Bundelkhand के जनमानस को ज्ञान की  दिशा देती हैं Isuri Ki Shikshaprad Fagen। जो अन्य कविओं की फागों ऐसा देखने को नहीं मिलता, यद्यपि उनके समकालीन कवियों गंगाधर व्यास, ख्याली…

ईसुरी की साहित्यिक प्रतिभा

Bundelkhand के महाकवि ईसुरी की पहचान एक प्रसिद्ध फगुआरे के रूप में है, किन्तु उन्होंने केवल फागें ही नहीं, अपितु दोहा, कुण्डलियाँ, छन्द आदि में भी रचनाएँ की हैं। Isuri…

ईसुरी की सामाजिक चेतना

Bundelkhand के महाकवि ईसुरी ने लोक जीवन की समस्याओं जैसे शादी-विवाह, खुशी-दुःख, तकलीफ-बीमारी, बुरी आदतों के कुपरिणाम आदि विषयों पर भी उल्लेख करते हुये जनमानस को चेताया है,आगाह किया है।…

ईसुरी की वियोग श्रृँगारिक फागें

Bundelkhand के महाकवि ईसुरी की फागों में जितना संयोग श्रृँगार का प्रयोग देखने को मिलता है, उतना ही वियोग श्रृँगार का। ईसुरी की फागें में जिस तरह संयोग श्रृँगार की…

ईसुरी की संयोग श्रंगारिक फागें

Bundelkhand के महाकवि ईसुरी ने संयोग श्रंगारिक फागों मे जहां नायिका के शरीर शौष्ठव का वर्णन किया है। वही नायिका ने नेत्रों की व्याथा का सौंदर्यबोध का वर्णन भी किया है।…

ईसुरी का सौंदर्य श्रृंगार

महाकविईसुरी नें अति सौंदर्य श्रंगार में कुछ फागे लिख डाली। जिन्हें कुछ लोगों ने अश्लील साहित्य के रूप में प्रचारित किया और महाकवि ईसुरी Mahakavi Isuri को विवादों के पटल…