सिरसागढ पहले बच्छराज का राज था। उसके मरने के बाद दिल्लीपति पृथ्वीराज चौहान ने जीतकर इसे अपने राज्य में मिला लिया था अपने पिता के राज्य को लेने के लिये…
Category: आल्हाखण्ड

Folk epic of Banafari, a dialect of Bundeli. The detail of the story of Alhakhand is amazing. Alhakhand is supernatural and full of bravery in itself. In it the story of three generations of Alha.
Baurigadh Ki Ladai- Kathanak बौरीगढ़ की लडाई- कथानक
उदल अपनी बहन चंद्रावलि को लेने बौरीगढ जाता है और माहिल अपनीआदत के अनुसार लोगों को लड़वाता रहता है जिसकी वजह से Baurigadh Ki Ladai हुई। बौरीगढ़ के राजकुमार सूरजमल…
Bela Ka Vivah – Kathanak बेला का विवाह – कथानक
Bela Ka Vivah – Kathanak दिल्लीपति पृथ्वीराज चौहान की पुत्री बेला जब बेला के यौवन का जब सखियों ने एहसास दिलाया तो माता अगवां ने पति पृथ्वीराज से वर ढूँढ़ने…
Pathrigadh Ki Ladai- Kathanak पथरीगढ़ की लड़ाई- कथानक
Pathrigadh Ki Ladai राजा गजराज सिंह की पुत्री गजमोतिन के विवाह को लेकर हुई राजपूत राजा अपनी बेटी का रिश्ता बनाफरों के यहां नहीं करना चाहते थे। वह बनाफरों का…
Sambhal Tirth Par Yuddh – kathanak संभल तीर्थ पर युद्ध- कथानक
दिल्लीपति पृथ्वीराज चौहान और महोबावाले बनाफरों के बीच Sambhal Tirth Par Yuddh मनोकामना सिद्ध मंदिर के टेक्स (भेंट) को लेकर हुआ था जिसमे आल्हा को विजय प्राप्त हुई । दिल्लीपति…
Nainagadh Ki Ladai- kathanak नैनागढ़ की लड़ाई – कथानक
नैनागढ़ के राजा नैपाली सिंह महोबे के राजा परमाल को अपनी बराबरी का नही समझता था लेकिन इसकी बेटी सुनवां आल्हा से ब्याह करना चाहती थी इसी कारण Nainagadh Ki…
Surajmal Se Ladai – Kathanak सूरजमल से लड़ाई – कथानक
सूरजमल करिया राय का बड़ा भाई था। Surajmal Se Ladai – Kathanak का मुख्य कारण अनूपी की मैत था। जैसे ही सूरजमल को अनूपी के मरने का समाचार मिला, वह तुरंत…
Madaugadh Ki Ladai- Kathanak मांडौगढ़ की लड़ाई – कथानक
करिया राय से उदल ने अपने पिता और चाचा बच्छराज और दस्सराज की मौत का बदला लेने के लिये Madaugadh Ki Ladai- Kathanak हुई और विजय प्राप्त की । सातों लड़के…
Mahoba-Ka-Pratham-Yuddh- Kathanak महोबा का प्रथम युद्ध – कथानक
माहिल ने परिमाल से बदला लेने के लिये करिया राय को महोबा पर आक्रमण करने के लिए उकसाया। Mahoba Ka Pratham Yuddh महोबा वालो के लिये श्राप की तरह था।…
Raja Parimal Ka Vivah राजा परिमाल का विवाह (आल्हा )
चद्रवंशी राजाओं की राजधानी सिरसागढ़ थी। किले का नाम कालिंजर था। चंद्रवंशी क्षत्रिय अब चंदेले कहलाते थे। उनकी राजधानी को चंदेरी भी कहा जाता था। चंदेले राजा कीर्ति राय का…
