बुन्देली संस्कृति की अनोखी भोजन व्यवस्था है Bundelkhand Ki Pangat । पंगत के कारण भी हम बुन्देली संस्कृति पर गर्व करते हैं। बुंदेलखंड में पंगत की प्रथा अनादिकाल से आज तक…
Tag: bundeli sanskriti
Bundeli Lok Sanskriti Ka Udbhav Aur Vikas बुंदेली लोक संस्कृति का उद्भव और विकास
संस्कृति शब्द अपने आप मे एक व्यापक शब्द है, जिसमें लोकसंस्कृति के आदर्श मूल्य समाहित हैं । बुन्देलखण्ड Bundeli Lok Sanskriti Ka Udbhav Aur Vikas आदि काल से प्रारंभ हो…
Bundelkhand Ke Loknritya बुन्देलखण्ड के लोकनृत्य
बुंदेलखंड में विभिन्न लोकनृत्यों का प्रचलन है। बुंदेली लोक नृत्य में विभिन्न प्रकार के गीतों का गायन होता है। बुंदेलखंड में लोकप्रिय लोकनृत्य मे बधाई नृत्य, बरेदी नृत्य, होली नृत्य,…
Bundelkhand ki Mamuliya बुन्देलखंड की मामुलिया/महबुलिया
बुन्देलखंड की बालिकाओं का खेलपरक पर्व मामुलिया/महबुलिया बुन्देलखंड मे मामुलिया के इस खेल में बालिकायें बेर अथवा बबूल की एक कँटीली टहनी लेती हैं और उसे किसी…
Bundelkhand Ka Tesu बुन्देलखंड का टेसू
बुन्देलखण्ड मे बच्चे बांस और लकडी की डंडी, मिट्टी आदि से हास्यात्मक आकृति के पुतले बनाते हैं और घर –घर जाकर टेसू के गीत गाते है। न्योछावर स्वरूप मुहल्ले में…
Bundeli Jhinjhiya/ Dhiriya बुन्देली झिंझिया/ढिरिया
यह त्योहार बुंदेलखंड का खेल परक लोक पर्व है। Bundeli Jhinjhiya/ Dhiriya एक मटकी के ऊपरी भाग में चारों ओर छेद कर लिए जाते हैं। फिर आधे भाग में राख…
Kanhda /Dhobiyai Nritya कानड़ा/धोबियाई नृत्य
बुन्देलखंड का Kanhda /Dhobiyai Nritya मूलतः जातिगत नृत्य हैं। धोबी समाज के लोग इसे करते है। इसलिए कहीं-कहीं ये नृत्य धुबियाई नृत्य भी कहलाता है। काँनड़ा कान्हा (कृष्ण) से संबंधित…
