Bundelkhand ke Patra- Pandulipi बुन्देलखंड की पत्र-पांडुलिपियाँ

इतिहास पिछली घटनाओं का विवरण है इतिहास का निर्माण करने वाली घटनाओं का संबंध व्यक्तियों, कालखंडों तथा स्थानों से रहता है। बुंदेलखंड की पर्व-रियासतों में सर्वेक्षण के अतंर्गत् उपलब्ध Bundelkhand…

Lok Jivan ke Swar बुन्देली लोक जीवन के स्वर

भइया जिन मारौ मोये काँकरी, जिन बोलो भाभी बोली हमतौ चिरैया परदेश की, भाभी आज उडै कै काल।। घर के आंगन में फुदकने वाली चिड़ियाँ हैं वालिकायें। Lok Jivan ke…

Bundeli Kavya Saundarya बुंदेली काव्य सौन्दर्य

बुंदेली लोककाव्य मे कवियों ने सौन्दर्य को तरह–तरह से परिभाषित किया है। Bundeli Kavya Saundarya मे बुन्देलखंड के लोक जीवन की सरसता, मादकता, सरलता और रागयुक्त संस्कृति की रागिनी से…

Bundelkhand Ke Loknritya बुन्देलखण्ड के लोकनृत्य

बुंदेलखंड में विभिन्न लोकनृत्यों का प्रचलन है। बुंदेली लोक नृत्य में विभिन्न प्रकार के गीतों का गायन होता है। बुंदेलखंड में लोकप्रिय लोकनृत्य मे बधाई नृत्य, बरेदी नृत्य, होली नृत्य,…

Bundelkhand Ka Lok Jivan बुन्देलखण्ड का लोक जीवन

Bundelkhand ki Mamuliya बुन्देलखंड की मामुलिया/महबुलिया

बुन्देलखंड की बालिकाओं का खेलपरक पर्व मामुलिया/महबुलिया       बुन्देलखंड मे मामुलिया के इस खेल में बालिकायें बेर अथवा बबूल की एक कँटीली टहनी लेती हैं और उसे किसी…

Bundelkhand Ka Tesu बुन्देलखंड का टेसू

बुन्देलखण्ड मे बच्चे  बांस और लकडी की डंडी, मिट्टी आदि से हास्यात्मक आकृति के पुतले बनाते हैं और घर –घर जाकर टेसू के गीत गाते है। न्योछावर स्वरूप  मुहल्ले में…

Bundeli Jhinjhiya/ Dhiriya बुन्देली झिंझिया/ढिरिया

यह त्योहार बुंदेलखंड का खेल परक लोक पर्व है। Bundeli Jhinjhiya/ Dhiriya एक मटकी के ऊपरी भाग में चारों ओर छेद कर लिए जाते हैं। फिर आधे भाग में राख…

Naurata-Suata नौरता – सुआटा

Kanhda /Dhobiyai Nritya कानड़ा/धोबियाई नृत्य

बुन्देलखंड का Kanhda /Dhobiyai Nritya  मूलतः जातिगत नृत्य हैं। धोबी समाज के लोग इसे करते है। इसलिए कहीं-कहीं ये नृत्य धुबियाई नृत्य भी कहलाता है। काँनड़ा कान्हा (कृष्ण) से संबंधित…