महाराज छत्रसाल किसी भी स्वाभिमानी हिंदू से सहायता लेने को तत्पर थे। जिस प्रकार बुंदेलखंड में हिंदू धर्म के रक्षक वीर छत्रसाल थे उसी प्रकार दक्षिण में मराठे भी यवन…
Category: बुन्देलखण्ड का इतिहास -गोरेलाल तिवारी

history of Bundelkhand based on gorelal Tiwari Books Bundelkhand ka Sankshipt Itihas.
Bundelkhand Me Mughlon Ka Patan बुन्देलखण्ड मे मुगलों का पतन
औरंगजेब अहमदनगर में विक्रम संवत् 1764 में मरा। उसके तीन लड़के थे जिनके नाम मुअज्जम, आजमशाह और कामबक्स थे। इनमें से बड़ा लड़का मुअज्जम कावुल में था इस कारण दूसरा…
Karvi Peshwa Ka Aatmasamapan कर्वी के पेशवा का आत्मसमर्पण
नारायण राव अंग्रेजी सेना के भारी दबाव के कारण परेशान था। उसने नागौद के पोलीटिकल असिस्टेन्ट को 22 अप्रैल 1858 को लिखा कि वह विद्रोही नहीं है और अपने को…
Karvi Ke Peshawa कर्वी (बांदा) के पेशवा
बांदा के नवाब आलीबहादुर द्वितीय भरोसेमंद मित्र Karvi Ke Peshawa बाजीराव पेशवा द्वितीय के चचेरे भाई, राधोवा पुत्र अमृतराव थे। अमृतराव के साथ अंग्रेज सरकार ने 14 अगस्त 1803 में…
Banda Nawab Ke Sahyogi बांदा नवाब के सहयोगी
नवाब अली- आत्मज बसायत अली, अकबर गोलन्दाज, फैज मोहम्मद मुखतयार, देवोदोन-तुर्क सवार, खुदा बेग, गटटू खां उर्फ अहमद अली मुख्तयार निवासी बाँदा ये सब Banda Nawab Ke Sahyogi थे पर…
Banda Ke Pramukh Vidrohi बांदा के प्रमुख विद्रोही
जब अंग्रेजों के विरुद्ध भारतीय सैनिकों ने विद्रोह आरंभ कर दिया था उसे समय जनता भी अंग्रेजों के शासन से तंग हो चुकी थी और हिंदुस्तानी सिपाहियों के साथ-साथ हिंदुस्तान…
Banda Nawab Ka Aatmasamarpan बांदा नवाब का आत्मसमर्पण
बांदा के नवाब अली बहादुर द्वितीय के विद्रोह करने के बाद वह इधर-उधर भाग रहे थे । उनका घर परिवार बिखर गया था वह परेशान होकर 19 नवम्बर 1858 को…
Banda Ka Patan बांदा का पतन
अनेक कोशिशों के बावजूद भी बांदा के आस-पास के राजे रजवाड़े, किसी ने भी बांदा नवाब का साथ नहीं दिया वह चारों तरफ से अंग्रेजों से गिर गए थे। एक…
Banda Ki Virangana Sheela Devi बाँदा की वीरांगना शीला देवी
बांदा के नवाब अली बहादुर द्वितीय की शिकस्त के बाद उन्हें बांदा छोड़ना पड़ा.। इस दौरान अंग्रेज सेना ने बांदा में काफी उत्पात मचा रखा था लोग डरे सहमे हुए…
Banda Ka Swatantra Sangram बांदा का स्वतंत्रता संग्राम और बांदा नवाब
1858 Banda Ka Swatantra Sangram अपने चरम पर था। नवाब आली बहादुर ने छतरपुर राजा को पत्र लिखा कि वह अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने में मदद करें। इसके विपरीत बुन्देलखण्ड…
