जैसे खौं तैसो- बुन्देली लोक कथा

कत हैं कि जो जैसो आय उए बैसो मिलई जात मने जैसे खौं तैसो Jaise Khon Taiso मिल जात, एक गाँव में सोहन उर मोहन दोई भइया रत्ते। मताई बाप पैलाँ…

घी देतन बामुन नर्रयात-बुन्देली लोक कथा 

बुन्देलखण्ड की एक कहावत है घी देतन बामुन नर्रयात Ghee Detan Bamun Narryat घी देतन बामुन नर्रयात सो आज हम बताउत जा कें पीछाई का किस्सा है । एक गाँव में एक…

करम उर लच्छमी-बुन्देली लोक कथा

एक दार करम उर लच्छमी Karam Aur Laxmi घूमबे खौं कड़परे। वे चारई तरपै घूम फिरकैं लोगन के दुःख दर्द खौं दूर करत रत्ते। कभऊँ कौनऊँ गरीब खौं थोरौ भौत…

कंजूस साहूकार-बुन्देली लोक कथा

जा कहानी एक ऐसे कंजूस साहूकार Kanjoos Sahukar की आय बाकी जान चाय चली जाए पे एक चुवन्नी ना जाए, मईं  एक गाँव में एक गरीबला सौ बामुन रत्तो। पढ़ो-लिखो…

अपनौ-अपनौ भाग्य-बुन्देली लोक कथा 

कत हैं कि धरती पे जोन आउत सब अपनौ-अपनौ भाग्य Apno Apno Bhagya लेके आउत।  एक गाँव में अच्छौ खातौ-पीतौ एक सेठ कौ परवार रत्तो। खूब जमीन जायजाद खेती-किसानी साहूकारी…

चँदना और सबल सुनार- बुन्देली लोक कथा

नायिका ’चँदना‘ जिसका प्रेम सबल सुनार से हो गया था। Chandana Aur Sabal Sunar के प्यार की चर्चा गली-गली होने लगी थी। इस बदनामी से रक्षा के लिए उसकी भौजी…

Bundeli Lok Kathayen-Parichay बुन्देली लोक कथाएँ-परिचय

बुन्देली लोकसाहित्य का एक प्रमुख अंग वहाँ पर पायी जाने वाली Bundeli Lok Kathayen हैं। प्रस्तुत है Bundeli Lok Kathayen-Parichay , प्राचीन काल से ही गाँवों में मनोरंजन के लिए, आधुनिक साधनों…

Mehnat Ko Fal मेहनत को फल-बुन्देली लोक कथा

एक गाँओं में एक किसान रहत तो । बाय Mehnat Ko Fal समझ में आत तो बाके मोडन खों नाईं । बाके तीन मोड़ा हते, तीनई भोत अलाल थे। भओ…

Mindo Medhaki मिन्दो मेंढकी – बुन्देली लोक कथा

एक इकरिया थी। बा एक दिना धूरा में गाँकड़ें बना रई थी । इत्ते में Mindo Medhaki भाँ आई । बाने डुकरिया से कई, “डुक्को – डुक्को धूरा में गाँकड़ें…

Mijban मिजबान-बुन्देली लोक कथा

एक  परबार में पति-पत्नी रहत थे। दोई बड़े प्रेम से अपनो जीबन बिता रए थे। एक बार का भओ – बिनके घर Mijban आए, मिजबान आए तो दोई बड़े खुस…