Nadi Betava Ki Ladai – Kathanak नदी बेतवा की लड़ाई-कथानक

Nadi Betava Ki Ladai – Kathanak में पृथवीराज चौहान जब माहिल के भडकावे मे आकर महोबा पर आक्रमण करता है दूसरे राज्य से  सेनाये न आ पाये तो बेतवा नदी…

Alha Ki Mahoba Vapsi –Kathanak आल्हा की महोबा वापसी –कथानक

Alha Ki Mahoba Vapsi –Kathanak एक भावनात्मक मोड है।  माहिल हमेशा षडयंत्रकारी काम करता है जिससे महोबा वालों को हमेशा मुश्किलों का सामना करना पडा लेकिन एक समय ऐसा आया तब…

Kirati Sagar par yuddh- kathanak कीर्ति सागर पर युद्ध –कथानक

सावन मास में महिलाएं अपने मायके जाती हैं। वहाँ झूला झूलती हैं। सावन के गीत (मल्हार) गाती हैं। रक्षाबंधन पर राखी बाँधती हैं। झील या नदी पर पुष्प भरे दौने…

Sirsagadh Ki Dusari Ladai- Kathanak सिरसागढ़ की दूसरी लड़ाई -कथानक

पृथ्वीराज चौहान ने Sirsagadh Ki Dusari Ladai- Kathanak मे षड्यंत्र करके धोखे से मलखान मारा पाया ।  महोबा पर आक्रमण करने से पहले माहिल की सलाह पर पृथ्वीराज चौहान ने सिरसागढ़…

Ganjar (Kar Vasuli)  ki Ladai- Kathanak  गाँजर (कर-वसूली) की लड़ाई- कथानक

कन्नौज के राजा जयचंद की  कर्ज वसूली के  लिये पहले बिरियागढ़ राजा,  पट्टी के राजा, और कामरूप के राजा कमलापति से उदल ने Ganjar (कर वसूली )  ki Ladai की…

Singhalgadh Ki Ladai- Kathanak  सिंहलगढ़ की लड़ाई- कथानक

लेखा पद्मिनी तीन  फेरे के बाद बोली मैं कोई चोरी-चोरी विवाह नहीं करना चाहती। शेष चार फेरे तब होंगे, जब सिंहल द्वीप में आओगे। युद्ध में मुझे जीत करके प्राप्त…

Bundi Ki Ladai- Kathanak  बूंदी की लड़ाई -कथानक

बंगाल के कामरू राज्य के बूंदीगढ़ से राजा गंगाधर राव की पुत्री कुसुमा का विवाह लाखन से करने के  लिये Bundi Ki Ladai- Kathanak हुई। महोबावाले वीरों ने गंगाधर के सारे…

Alha Ka Mahoba Chhodna – Kathanak आल्हा का महोबा छोडना- कथानक

महोबे के जिन बनाफर बंधुओं की बावनगढ़ में धाक थी, उनकी वीरता का सामना करने की हिम्मत प्रायः राजा नहीं जुटा पाते थे। राजा परिमाल तो शस्त्र त्याग कर चुके…

Pathrikot Ki Ladai-Kathanak  पथरीकोट की लड़ाई- कथानक

पथरीकोट के राजा ज्वाला सिंह महोबे की रानी सुनवां को जादू से उठवा लेता है और उसे अपनी रानी बनाना चाहता था फिर  महोबे वालों ने आक्र्मण किया Pathrikot ki…

Indal Ka Vivah- Kathanak इंदल का विवाह- कथानक  

उन दिनों राजाओं में बिना युद्ध के बेटी ब्याहना कमजोरी मानी जाती थी, जबकि हारकर विवाह करने में वे अपनी मान-प्रतिष्ठा समझते थे। Indal Ka Vivah के पहले भीषण लडाई…