बुन्देलखंड की ‘आल्हा’ लोकगाथा अपने असाधारण प्रभाव ओैर लोकप्रियता के कारण भारत के ‘राष्ट्रीय लोकमहाकाव्य’ के रूप में ढल गई है।Alha- Bundeli lok Mahakaavy की रचना महाकवि जगनिक ने की…
Category: बुन्देलखण्ड का शौर्य

Gallantry Stories of bravery of the brave warrior of Bundelkhand and examples of his bravery which are popular in the public mind
Khoob Ladi Mardani खूब लड़ी मर्दानी
खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी… अंग्रेजों के साथ निर्भीक लड़ाई लडने वाली रानी लक्ष्मीबाई का नाम सुनते ही किसी को भी झांसी की रणरागिनी की याद…
Jhansi Ki Rani Laxmibai झांसी की रानी लक्ष्मीबाई
प्रथम स्वाधीनता संग्राम की नायिका Jhansi Ki Rani Laxmibai जिसने अपनी अंतिम सांस तक अंग्रेजों के विरुद्ध अपनी जंग जारी रखी, बुन्देलखंड ही नही अपितु भारतीय वसुंधरा को गौरवान्वित करने…
Rani Ganesh Kunvari रानी गणेश कुँवरि
पौराणिक कथाओं के अनुसार, संवत 1631 में बुन्देलखण्ड ओरछा राज्य के शासक महाराज मधुकर शाह कृष्ण भक्त थे और उनकी पत्नी रानी गणेश कुँवरि Rani Ganesh Kunvari रामभक्त थीं। मधुकर…
Maharaj Madhukarshah महाराज मधुकरशाह
ओरछा नरेश महाराज मधुकरशाह Maharaj Madhukarshah बुंदेला राजवंश के एक प्रसिद्ध शासक थे, जिनका शासनकाल 16वीं शताब्दी के मध्य में रहा। वे न केवल एक शक्तिशाली शासक थे, बल्कि धार्मिक,…
Raja Parmal Chandel राजा परमर्दिदेव / परमाल चन्देल
Raja Parmal Chandel का उस समय बुन्देलखण्ड के आठ किलों पर झंडा फहराता था। इन्हे परमर्दिदेव के नाम से भी जाना जाता है बारीगढ़ (महोबा के पास),कालिंजर, अजयगढ़, मनियागढ़, मडफा,…
