हमसें काये छरकतीं राती, औरन खां पतयातीं

हमसें काये छरकतीं राती, औरन खां पतयातीं। औरैं आंय तनक दै-दै के, दौर-दौर के जातीं । हमतौ कहैं प्रेम की बाते, अपुन जहर सौ खातीं। जो मिल जायें गली खोरन…

हम पे नाहक रंग न डारौ, घरै न प्रीतम प्यारौ

हम पे नाहक रंग न डारौ, घरै न प्रीतम प्यारौ। फीकी फाग लगत बालम बिन, मन में तुमई बिचारौ। अतर गुलाब अबीर ना छिरकौ,पिचकारी ना मारौ । ईसुर प्रान पति…

सैंया बिसा सौत के लाने, अंगिया ल्याये उमाने

सैंया बिसा सौत के लाने, अंगिया ल्याये उमाने। ऐसे और बनक के रेजा, अब ई हाट बिकाने। उनने करी दूसरी दुल्हिन, जौ जी कैसे माने। उए पैर दौरे से कड़ने,…

सूजै इन आँखन अनवेली, जग में रजऊ अकेली

सूजै इन आँखन अनवेली, जग में रजऊ अकेली। भरके मूठ गुलाल धन्य वे, जिनके ऊपर मेली। भाग्यवान जिन में पिचकारी, रजऊ के ऊपर ठेली। ई मइना की आउन हम पै,…

लै गई प्रान पराये हरकें, मांग में सेन्दुर भरकें

लै गई प्रान पराये हरकें, मांग में सेन्दुर भरकें। एक टिबकिया नैचें दैकें, टिकली तरे उतरकें। तीके बीच सींक मिल बेंड़ी, कै गई भौंह पकरकें। ईसुर बूंदा दए रजऊ ने,…

यारी सदा निवाए रइयो, बीच बिसर न जइयो

यारी सदा निवाए रइयो, बीच बिसर न जइयो। जैसो दिन है हाल दिनन में, ऐसेऊं राखीं रइयो। सुनके बात जिया मोरे की, अपने जिउकी कईयो। अबै कछू ना बिगरो ईसुर,…

मोरी रजऊ सासरे जातीं, हमें लगा लो छातीं

मोरी रजऊ सासरे जातीं, हमें लगा लो छातीं। कै नई सकत गरौ भर देतीं, अंसुवन अखियां बातीं। ऊसेई चित्र लिखि सी रैगईं, मां से कछु न कातीं। हमने करी हमई…

मोरी कही मान गैलारे, दिन डूबें ना जा रे

मोरी कही मान गैलारे, दिन डूबें ना जा रे। आगूं गांव दूर लौ नइयां, नैया चैकी पारे। देवर हमरे कछू ना जाने, जेठ जनम के न्यारे। पानी पियो पलंग लटका…

बांकी रजऊ तुमारी आंखें, रओ घूंघट में ढाकें

बांकी रजऊ तुमारी आंखें, रओ घूंघट में ढाकें। हमने अबै दूर सैं देखी, कमल फूल सी पाखें। जिनखां चोट लगत नयनन की, डरे हजारन कांखें। जैसी राखें रई ईसुरी, ऊसई…

बस्ती बसत लोग बहुतेरे, कौन काम के मेरे

बस्ती बसत लोग बहुतेरे, कौन काम के मेरे। बैठे रात हजारन कोदी, कबहुं न जे दृग हेरे। गैल चलत गैलारे चरचे, सब दिन सांझ सबेरे। हाथ दई उन दो आँखन…