बुंदेलखंड के वर्तमान समय मे Chhatrasal Ka Muglon Se Yuddh करने मे सबसे बडी चुनौती थी यहां के छोटे-छोटे राजाओं को समझाना और उन्हे एक जुट करना । बहुत से…
Category: बुन्देलखण्ड का इतिहास -गोरेलाल तिवारी

history of Bundelkhand based on gorelal Tiwari Books Bundelkhand ka Sankshipt Itihas.
Chhatrasal Ka Bundelo Ko Sangathit Karna छत्रसाल का बुंदेलों को संगठित करना
ये ऐसा समय था जब बुन्देलखण्ड ही नही अपितु सम्पूर्ण भारत के राजा छोटे- छोटे राज्यों मे बंटे हुये थे और ये आपस मे ही लडते रहते थे यही कारण…
Chhatrasal Aur Shivaji छ्त्रसाल और शिवाजी
जब पहली बार Chhatrasal Aur Shivaji मिले और एक दूसरे के विचारों को जाना तो उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा शिवाजी ने छत्रसाल को उपदेश दिया…। हे पराक्रमीराजा, तुम…
Maharaj Chhtrasal महाराज छ्त्रसाल (बाल्यकाल)
बुन्देलखण्ड के शौर्य प्रतीक Maharaj Chhtrasal का बाल्यकाल बहुत बिसम परिस्थितियों मे गुजरा मोर पहाड़ी के जंगल में, जो कटेरा नामक गांव से तीन कोस है, रानी ने बुंदेलखंड के भावी विख्यात वीर…
Aurangjeb Aur Champatrai औरंगजेब और च॑पतराय
औरंगजेब ने चंपतराय को हुक्म दिया कि तुम इलाहाबाद शुजा से लड़ने जाओ। यह हुक्म चंपतराय को बहुत बुरा लगा और उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। Aurangjeb Aur Champatrai…
Bundelkhand-Maharaja Veersinghdev Ke Bad बुन्देलखंड-महाराज वीरसिहदेव के बाद
ओरछा के राजा वीरसिहदेव बड़े योग्य शासक थे। प्रजा इनसे बहुत प्रसन्न थी । धामानी, झांसी और दतिया के किले इन्ही के बनवाए हुए हैं। दतिया के किले के बनवाने…
Veer Singh Dev Aur Champat Rai वीरसिंह देव और चंपतराय
अकबर से लेकर शाहजहां तक अनेक मुगलों की आंख की किरकिरी बना रहा बुंदेलखंड। अनेक बार मुगलों ने आक्रमण किया पर कभी बुंदेलों ने हार नही मानी। Veer Singh Dev…
Bundelo Ki Utpatti बुंदेलों की उत्पत्ति
जिस प्रदेश को आजकल बुंदेलखंड कहते हैं, परंतु पूर्व में इसे जेजाभुक्ति और जुझौति कहते थे। इसका “बुंदेलखंड” नाम पड़ने का यही कारण है कि यहाँ पर बहुत समय तक…
Bundelkhand Me Gond Rajya बुन्देलखंड मे गोंड़ राज्य
बुंदेलखंड में गोंड राज्य गढ़ा-मंडला के शिलालेख में रानी दुर्गावती की बड़ी प्रशंसा की गई है । रानी दुर्गावती के उत्तम राज्य के कारण सारी भूमि हीरों और जवाहरों से…
Gond Rajya Rani Durgavati Tak गोंड़ राज्य रानी दुर्गावती तक
गोंड़ लोगों का प्रसिद्ध स्थान गढा (मंडला) था। यहाँ के मोतीमहल में एक शिलालेख मिला है जिसमें गोंड़ राजाओं की वंशावली दी है। गोंड़ राजाओं ने सबसे पहले अपना राज्य…
