बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृति में ग्राम-देवताओं का विशेष महत्त्व है। यहाँ के लोकदेवता ग्रामीण जनजीवन, प्रकृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं। नदियों, तालाबों, पहाड़ों, खेतों…
Category: बुन्देलखण्ड के लोक देवता

In Bundelkhand, the responsibility of protecting the village is on the Lok Devta, the Lok Devta is recognized and revered by the people.
खेरापति- बुंदेलखंड के लोक देवता
खेरापति Kherapati या खेरादेव बुन्देलखण्ड के प्रमुख ग्राम्य लोक देवताओं में माने जाते हैं। बुन्देलखण्ड की लोक-परंपरा में ग्राम देवताओं का विशेष महत्त्व है। ऐसी लोकमान्यता है कि खेरापति गाँव…
कुलदेवता बाबू- बुंदेलखंड के लोक देवता
बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृति में कुलदेवता बाबू की पूजा का विशेष महत्त्व है। यहाँ अनेक परिवारों में अपने कुलदेवता की पूजा वर्ष में एक या दो बार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ…
बुन्देलखण्ड के लोक देवता-वर्गीकरण
भारत की सांस्कृतिक परम्परा में लोक देवताओं एवं ग्राम देवताओं का विशेष स्थान रहा है। देश के विभिन्न प्रान्तों और क्षेत्रों में स्थानीय जनसमुदाय अपनी आस्था, विश्वास, परम्पराओं एवं लोकाचार…
Karas Dev कारस देव-बुन्देलखण्ड के लोक देवता
बुन्देलखंड मे कारस देव को लोक देवता के रूप मे माना जाता है। बुन्देलखंड अंचल में Karas Dev को पशुओं के डॉक्टर रूप मे माना जाता है। जो दुधारू पशु…
मुंशी प्रेमचंद के हरदौल
लोक देवताओं के विषय में लेखकों और साहित्यकारों अपने तरीके से दर्शाया है Munshi Premchand ke Hardaul मुंशी प्रेमचंद के हरदौल का अपना नजरिया है । बुन्देलखण्ड के लोक देवताओं…
लाला हरदौल- बुन्देलखण्ड के लोक देवता
बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृति, लोकआस्था और परम्पराओं में लाला हरदौल का विशिष्ट स्थान है। वे यहाँ के सर्वाधिक पूज्य लोकदेवताओं में से एक हैं। जनमानस में लाला हरदौल वीरता, त्याग, पवित्रता,…
