Bundeli Loksahitya Vachik Parampara बुन्देली लोकसाहित्य वाचिक परम्परा

Bundeli Loksahitya Vachik Parampara के अन्तर्गत वो स्मृतियां, गीत, कथा, कहावत, सुभाषित, सूक्ति आदि कथ्य वक्ता से श्रोता या श्रोताओं तक पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरित होती रहती है। इस प्रकार इसमें वक्ता,…

Bundeli Lokbhasha Ka Sangharsh बुंदेली लोकभाषा का संघर्ष

बुन्देलखंड मे मध्यकालीन काल मे विदेशी आक्रमणो और उनके शाशनकाल मे आयतित तुर्की, फारसी और अरबी भाषाओं के प्रभाव से उनके  प्रचार-प्रसार से संगीत तथा भाषा पर कब्जा जमा लिया…

Madhyakalin Dharmik Lokkavya मध्यकालीन बुन्देली धार्मिक लोककाव्य

बुन्देलखण्ड मे 14वीं शती में जैन और बौद्ध धर्म कुछ क्षेत्रों तक सीमित हो गए थे। शैव, वैष्णव और शाक्त सम्प्रदाय अलग-अलग भागों में प्रसार पा चुके थे। Madhyakalin Dharmik…

Madhyakalin Samajik Lokkavya मध्यकालीन बुन्देली सामाजिक लोककाव्य

मध्ययुगीन इतिहास से स्पष्ट है कि 15वीं शती से 19वीं शती तक इस अंचल की राजनीतिक स्थिति संघर्ष पूर्ण रही है। तोमर नरेशों ने बुन्देलखंड के Madhyakalin Samajik Lokkavya की…

Bundeli Madhyakalin samajik Parivesh बुन्देली मध्यकालीन सामाजिक परिवेश

Bundelkhand में Bundeli Madhyakalin samajik Parivesh और सामाजिक स्थिति कुछ भिन्न रही है। अक्सर मुगलों के आक्रमण इस जनपद पर भी होते रहे, पर वे उतना प्रभावित नहीं कर सके।  कुछ बुन्देले…

Bundelkhand Ka Madhyakalin lokkavya बुन्देलखंड का मध्यकालीन लोककाव्य

आदिकालीन चन्देली संस्कृति अपनी शक्ति और प्रभाव क्षमता के कारण बुन्देलखंडी संस्कृति की केन्द्र बन गई थी और उसे ही मध्ययुग के गोंड, तोमर, खंगार और बुन्देले राज्यों ने पोषित…

Bundeli Lokkavya Ki Pravrittyan बुन्देली लोककाव्य की प्रवृत्तियाँ

आदिकाल (10वीं शती से 14वीं शती तक) वस्तुतः लोकभाषाओं के उत्कर्ष का काल है। इस काल मे Bundeli Lokkavya Ki Pravrittyan बिस्तार से जानने के लिये चरणवद्ध तरीके से देखना…

Adikalin Bundeli Lokkavya Srijan आदिकालीन बुन्देली लोककाव्य सृजन

Bundelkhand के Adikalin Bundeli Lokkavya Srijan के तृतीय चरण  की कालपरिधि 14वीं शती से 15वीं शती का पूर्वार्द्ध तक निर्धारित की गई है। इस काल मे चन्देलनरेश भोजवर्मन का राज्य-काल…

Aadikalin Chandelkal ka lokkavya आदिकालीन चंदेलकाल का लोककाव्य   

चन्देल सत्ता का उत्कर्ष चन्देलनरेश मदनवर्मन (1128-1164   ई.) से होता है। उसका शासनकाल चन्देली  इतिहास का युग था। Bundelkhand मे Chandelkal ka lokkavya और लोक साहित्य एवं अन्य लोककलायें इसी…

Gathao Par Adharit Lokkavya गाथाओं पर आधारित बुन्देली लोककाव्य

बुन्देलखंड अंचल में शक्तिपूजा बहुत प्राचीन है, जिसके प्रमाण आज भी मौजूद हैं। भूदेवी भुइयाँरानी, चौंसठ योगिनी, जगदम्बी, काली और चंडिका देवियों की  शक्ति-पूजा का उत्कर्ष था। इनके गीत Gathao…