करके प्रीत करे सौ जाने, कात की कोउ न माने

करके प्रीत करे सौ जाने, कात की कोउ न माने। दाबन लगे दूर से नकुआ, लासुन भरे बसाने। काने कछू-कछू कै आवै, ना रए बुद्धि ठिकाने। बिगरे कैउ आ दिन…

इनकी बोलन भौतउ साजी, सुने होत मन राजी

इनकी बोलन भौतउ साजी, सुने होत मन राजी । कड़ते बोल कोकिला कैसे, दवा कौन खां माजी। रोजउं-रोजउं हँसती रातीं, बोले से कओ आंजी। ईसुर कभऊं काउ पै ना भई,…

अबकी बेर बिछुरतन मरने, का जाने तोय करने

अबकी बेर बिछुरतन मरने, का जाने तोय करने। तुम सुख चाओ हमे दुख दैकें, तोरौ जनम बिगरने। मोरी कौन ख़बर राने जब, तोय खसम संग परने। दूर से लखें रजऊ…

अब ना लगै गाँव में नीको, मित्र बिछुर गओ जीकौ

अब ना लगै गाँव में नीको, मित्र बिछुर गओ जीकौ। आवौ-जावौ करे रातते, अब मौं देखों कीकौ। कर और बार पुरा पाले में, लगत मुहल्ला फीकौ। सौने कैसो पानी ईसुर,…

अब के गए कबै तुम आ हौ, वो दिन हमें बताओ

अब के गए कबै तुम आ हौ, वो दिन हमें बताओ। होय आधार तनक ई जी खां, ऐसी स्यात धरायो। जल्दी खबर लियौ जो जानों, इन प्रानन खां चाओ। ईसुर…

महाकवि ईसुरी की प्रभाती

जीवन श्री जगन्नाथ जाल सों निनोरो और भूलौ ना भली होत, भजन सी दबाई। महाकवि Isuri Ki Prabhati जिन्हें वे नित्य प्रातः गाया करते थे…। एक श्रेष्ठ साहित्यकार की पहचान। प्रभाती…

Isuri Ki Chaukadiya  ईसुरी की चौकड़ियां

Bundelkhand की बुन्देली भाषा के विख्यात महाकवि ईसुरी ने फाग विधा  मे चौकड़िया फाग की रचना कर बुन्देली साहित्य को एक नई दिशा दी। Isuri Ki Chaukadiya मे  जीवन दर्शन…

Isuri Ki Chaukadiya Fag ईसुरी की चौकड़ियां फाग

Bundelkhand की बुन्देली भाषा के विख्यात महाकवि ईसुरी ने फाग विधा  मे चौकड़िया फाग की रचना कर बुन्देली साहित्य को एक नई दिशा दी। Isuri Ki Chaukadiya Fag मे जीवन…

Isuri Ka Jivan Parichay ईसुरी का जीवन परिचय

Bundelkhand की बुन्देली भाषा के विख्यात महाकवि ईसुरी ने फाग विधा  मे चौकड़िया फाग की रचना कर बुन्देली साहित्य को एक नई दिशा दी। महाकवि  का जीवन दर्शन और अध्यात्म…

Isuri Ke Ram ईसुरी के राम

मथुरा बृंदावन से वापस आकर महाकवि ईसुरी एक वर्ष तक चित्रकूट में रहे और वहाँ अनेक सतसंगों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीलाओं को सुना गुना और फिर…