नवोदित निगम-बुन्देली फाग साहित्यकार 

नवोदित निगम Navodit Nigam स्वर्गीय श्री गंगादयाल निगम के पुत्र है। आपका जन्म 3 मार्च 1949 को हुआ था। आप दमोह के हायर सेकन्ड्री स्कूल में संगीत शिक्षक थे । विगत बीस वर्षो से वे बुंदेली लोक गीतों के गायक और संगीतकार के रूप में चर्चित रहे । उनके लोकगीत आकाशवाणी व दूरदर्शन से प्रसारित होते है। उन्हें राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर के कई पुरुस्कार भी प्राप्त हुए है।

नवोदित निगम संगीत समाज दमोह के सचिव, मधु- और नृत्य नाटिकाएं रिम स्वर मंच के सदस्य एवं अन्य कई समितियों के पदाधिकारी हैं। आपके लिखे नाटक विभिन्न स्तरों पर सराही गई है। अपनी मधुर गायन प्रणाली के कारण वे उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, झांसी, बिहार, तथा मध्यप्रदेश के प्रमुख नगरों में आयोजित कार्यक्रमों में आंमत्रित किये गए है। इन्होंने अनेकों फागों की रचना की है। उनकी फागें अत्यन्त गेय और संगीतमयी होती हैं।

 होरी में गोरी बौरानी ।

अनियारे और नैन कटीले बने रसीले रसखानी ।

लाल गुलाल मले गालन में, मालनमाल लये रानी ।

मदमाती अली छैल छबीली, मिलत गैल बिच मुसक्यानी ।

जेहि चितवन, वोही बस करि राखत, भगिया सीधना भन्नानी ।

खेलत फाग सजन संग मोहे, बदन मदन गति सन्नानी ।

राई और बेड़िया एक परिचय 

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