सनातन धर्म मे विवाह को जीवन के एक अनिवार्य ‘संस्कार’ के रूप में माना जाता है। विवाह का आशय उत्तरदायित्व का निर्वाह करना है। पति-पत्नी के बीच जन्म जन्मांतरों का…

सनातन धर्म मे विवाह को जीवन के एक अनिवार्य ‘संस्कार’ के रूप में माना जाता है। विवाह का आशय उत्तरदायित्व का निर्वाह करना है। पति-पत्नी के बीच जन्म जन्मांतरों का…