बुन्देलखंड के लोकजीवन मे उद्भावित तरह- तरह के भावों से उत्पन्न रसानुभूति रचनाओं को जन्म देती हैं। वही लोकसाहित्य की रचना होती रही है। लोक के धर्म में लोकादर्श, लोकनीति…

बुन्देलखंड के लोकजीवन मे उद्भावित तरह- तरह के भावों से उत्पन्न रसानुभूति रचनाओं को जन्म देती हैं। वही लोकसाहित्य की रचना होती रही है। लोक के धर्म में लोकादर्श, लोकनीति…