काँड़रा अथवा कानड़ा नृत्य बुन्देलखण्ड का एक पारम्परिक लोकनृत्य है, जिसका सम्बन्ध मुख्यतः धोबी समाज से है। बुन्देलखण्ड के अनेक लोकनृत्य जातिगत परम्पराओं पर आधारित हैं। चूँकि इस नृत्य का…
Category: बुन्देलखंड के लोक नृत्य

Popular folk dances of Bundelkhand include Badhai dance, Barei dance, Holi dance, Jawara dance, Adivasi Karma dance, Saira dance, Rawal, Rai dance, Kanad dance, Dhimrai dance, Naurata dance etc.
ढ़िमरयाई-बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य
ढ़िमरयाई-बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य Dhimaryai-Bundelkhand Ka Lok Nritya जातिगत नृत्य है। ढ़ीमर जाती के लोग इसे करते हैं इसलिए इसका नाम ढ़िमरयाई नामकरण हुआ । बुंदेलखंड में निवासरत ढीमर जाती…
सैरा/ सैला नृत्य
बुन्देलखण्ड के नृत्यों में सैरा/ सैला नृत्य Saira/saila Nritya आदिवासियों का पुरुष नृत्य है, जिसमें पौरुष की प्रतीक छोटी लाठियाँ नर्तकों के दोनों हाथों में रहकर बजती हैं। यह नृत्य…
करमा नृत्य-बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य
करमा नृत्य Karma Nritya आदिवासियों का सबसे प्रिय नृत्य है, जो विवाह, मेले आदि के आनंददायी क्षणों के अवसरों पर किया जाता है। स्त्री-पुरुष नर्तक घुटनों के ऊपर अधोवस्त्र पहनकर…
ढिरिया – बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य
ढिरिया बुन्देलखण्ड की लोक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा एक पारंपरिक लोकनृत्य एवं लोक-अनुष्ठान माना जाता है। बुन्देलखण्ड की लोककलाओं में मिट्टी के पात्र, लोकगीत, पारिवारिक मंगल अवसर तथा धार्मिक आस्थाएँ विशेष…
जवारा-बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य
बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृति में Javara जवारा नृत्य का संबंध लोकआस्था, धार्मिक परंपराओं, भक्ति और सामूहिक उल्लास से जोड़ा जाता है। यह लोकपरंपरा विशेष रूप से देवी आराधना तथा नवरात्रि के…
Bundelkhand Ki Loknritya kala बुन्देलखंड की लोकनृत्य कला
बुन्देलखंड के खजुराहो के विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह की परिक्रमा में ऐसे प्रस्तरखण्ड उत्कीर्ण हैं, जो Bundelkhand Ki Loknritya kala का अंकन करने में अग्रणी ठहरते हैं। खजुराहो में स्त्री-पुरुष…
Rai Aur Bediya राई और बेड़िया-एक परिचय
बुन्देलखण्ड मे सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक जीवन शैली के आधार पर बेड़िया जाति अन्य जातियों से अलग विशेषता वाली जाति है। बेड़िया जाति की महिलाओं की विचित्र जीवनशैली Rai Aur Bediya…
Rawla रावला -बुन्देलखण्ड का लोक नृत्य
रावला लोक विधा का आधार विदूषक और पुरुष नायिका है। बुंदेलखंड की लोकविधा रावला जातीय लोक नृत्य है। यह नृत्य धोबी, चमार, काछी, ढीमर, अहीर, गड़रिया, कोरी, बसोर , मेहतर…
Rai Geet राई गीत- बुन्देलखण्ड के लोक नृत्य राई मे गाए जाने वाले गीत
बुन्देलखंड की लोक विधा Rai Geet कोयलिया के गीत हैं, जो कोयल की कूक के साथ शुरू होते हैं और कूक के बंद होने पर समाप्त हो जाते हैं। कूक…
