जुबना बीते जात लली के, पर गए हात छली के

जुबना बीते जात लली के, पर गए हात छली के। मस्कत रात पुरा पाले में,सरकत जात गली के। कसे रात चोली के भीतर, जैसे फूल कली के। कात ईसुरी मसकें…