चौकड़िया फाग- बुन्देली लोक गायन

चौकड़िया फाग Chaukadiya Fag लोककाव्य के पुनरूत्थान-काल अर्थात् 19 वीं शती के अंतिम चरण की देन है। लोककवि ईसुरी चौकड़िया फाग के जनक माने जाता है। उसके प्रत्येक चरण में…

चौकड़िया फाग की वस्तुगत विशेषता

चौकड़िया फाग की वस्तुगत विशेषता Chaukadiya Fag Ki Vastugat Visheshta फागों की प्रधान प्रवृत्ति लोक शृंगारिकता की विशिष्टता है, जो रीतिकालिक शृँगारिकता की रूढ़िबद्धता के विरुद्ध प्रतिक्रियास्वरूप फूटी है। साथ…

चौकड़िया फाग की शिल्पगत विशेषता

चौकड़िया के आविष्कार ने गायकी और फड़बाजी, दोनों को गति प्रदान की है। चौकड़िया फाग की शिल्पगत विशेषता Chaukadiya Fag Ki Shilpgat Visheshta ईसुरी ने पुरानी ‘लाल’ फाग से अन्तरा…