महाराज छत्रसाल किसी भी स्वाभिमानी हिंदू से सहायता लेने को तत्पर थे। जिस प्रकार बुंदेलखंड में हिंदू धर्म के रक्षक वीर छत्रसाल थे उसी प्रकार दक्षिण में मराठे भी यवन…
Tag: bundelkhand ka itihas
ईसुरी की संयोग श्रंगारिक फागें
Bundelkhand के महाकवि ईसुरी ने संयोग श्रंगारिक फागों मे जहां नायिका के शरीर शौष्ठव का वर्णन किया है। वही नायिका ने नेत्रों की व्याथा का सौंदर्यबोध का वर्णन भी किया है।…
