बुन्देलखंड के लोक-जीवन का उल्लास-झरनों के स्वभाव वाला है, जो यथार्थ की चट्टानों से टकराता है, आवेश के अवसरों पर उफान में बदल जाता है और सहज होकर कल-कल करता…

बुन्देलखंड के लोक-जीवन का उल्लास-झरनों के स्वभाव वाला है, जो यथार्थ की चट्टानों से टकराता है, आवेश के अवसरों पर उफान में बदल जाता है और सहज होकर कल-कल करता…