Varna Aur Jati Pratha भारतीय संस्कृति में वर्णऔर जाति प्रथा

भारतीय समाज चार वर्णों वाले विभाजन पर आधारित है , यही कारण है कि Varna Aur Jati Pratha भारतीय समाज मे पूर्णता समाहित है जिसमें जन्म और वंश का महत्व था।…

Bhartiya Sanskriti Par Prabhav भारतीय संस्कृति पर प्रभाव

भारत में आकर बसने तथा यायावर/खानाबदोस जीवन का परित्याग करने के साथ ही आर्यों ने ऋग्वेद में दूसरे देशों के जो साहित्यिक और सांस्कृतिक शब्द सम्मिलित किए, उससे उनकी संस्कृति…

Karm Aur Punarjanam कर्म और पुनर्जन्म

कर्मवाद का सिद्धांत हिन्दू धर्म का एक अभिन्न अंग था। Karm Aur Punarjanam के कार्यों का अविज्ञात रूप था और यद्यपि जैन धर्म की भांति हिन्दू धर्म के अन्तर्गत यह…

Bahudevvad Aur Avtarvad बहुदेववाद और अवतारवाद

धर्म के क्षेत्र में देखें तो हिन्दू मत में Bahudevvad Aur Avtarvad की अवधारणा हैं, इस्लाम एक ईश्वरवादी है, तो बुद्ध अनीश्वरवाद को मानते दिखाई देते हैं। हिन्दू मत में कुछ…

Samanvayvadi Sanskriti समन्वयवादी संस्कृति  

Syncretist Culture भारतीय संस्कृति Indian Culture की सबसे बड़ी विशेषता है इसका समन्वयवाद Coordinationism। ऐतिहासिक कालक्रम में अनेक सभ्य व बर्बर कबीलों ने भी भारत की सीमाएं लांघ कर यहां…

Sabhyata Aur Sanskriti Ka Sambandh सभ्यता और संस्कृति का संबन्ध

सभ्यता के द्वारा ही संस्कृति एक समाज से दूसरे समाज को एवं एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तान्तरित की जाती है। सभ्यता का निर्माण करके ही मनुष्य सांस्कृतिक विकास…

Sabhyata Aur Sanskriti Me Antar सभ्यता और संस्कृति में अन्तर

सबसे पहले Sabhyata Aur Sanskriti Me Antar समझना बहुत जरूरी है । मनुष्य तीन स्तरों पर जीता और व्यवहार करता है- भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक। जबकि सामाजिक और राजनीतिक रूप…

Sabhyta Aur Sanskriti सभ्यता और संस्कृति

सभ्यता और संस्कृति क्या है what is Civilization and Culture Sabhyta Aur Sanskriti दोनों शब्द प्रायः पर्याय के रूप में प्रयुक्त किए जाते हैं, फिर भी दोनों में मौलिक भिन्नता…

Sanskriti Ke Tatva संस्कृति के तत्व

किसी भी संस्कृति में सन्तुलन और संगठन होता है। यह संगठन अनेक तत्वों, इकाइयों, भागों और उपभागों को मिलाकर बनता है। Sanskriti Ke Tatva या भाग छोटे से छोटे या बड़े…

Sanskriti Ki Prakriti संस्कृति की प्रकृति

संस्कृति एक समाज से दूसरे समाज तथा एक देश से दूसरे देश में बदलती रहती है। इसका विकास एक सामाजिक अथवा राष्ट्रीय संदर्भ में होने वाली ऐतिहासिक एवं ज्ञान संबन्धी…