बुन्देलखंड में कुछ ऐसी वीर बालाएँ अतरित हुई हैं, Mathurawali ko Rachhro की नायिका ने अपनी आन-बान-शान, मान-मर्यादा, अपने पातिव्रत धर्म और सतीत्व की रक्षा हेतु प्राण अर्पण कर दिये…
Category: बुन्देलखंड की लोक-गाथायें

People of Bundelkhand have different types of folk songs in life like Dharma Savari, Parsa, Gahnai, Surheen etc.
Dhola-Maru Ko Rachhro ढोला-मारू कौ राछरौ
Dhola-Maru Ko Rachhro मे ढोला और मारू की बचपन मे शादी हो जाती है। जब दोनो बडे होते हैं तो मरू अनेक संदेश ढोला को भेजती है। जब ढोला अपनी…
Kalyan Singh Ko Rachhro कल्याण सिंह कौ राछरौ
Kalyan Singh Ko Rachhro में कल्याण सिंह के मन में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के प्रति अटूट श्रद्धा थी, इस लिये स्वतंत्रता संग्राम में महारानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था। बुन्देलखण्ड…
Kajariyan ko Rachhro कजरियँन कौ राछरौ
कजलियाँ बुन्देलखण्ड का सांस्कृतिक पर्व है। Kajariyan ko Rachhro मे महोबा नरेश परमाल की राजकुमारी ‘चंद्रावली’ के कजलियों के उत्सव का वर्णन है। यह पारस्परिक प्रेम और अनुराग का प्रतीक…
Urag Ko Rachhro उरग कौ राछरौ
बुंदेलखण्ड में कुछ ऐसे भी राछरे प्रचलित हैं, जो प्रेम-प्रधान हैं। उनकी दिशा पति-पत्नी के प्रेम और श्रंगार की ओर है। Urag Kau Rachhro एक आदर्श और मार्ग-दर्शक उदाहरण है…
Aman Singh Ko Rachhro अमान सिंह कौ राछरौ
Aman Singh Ko Rachhro में पन्ना के राजा अमान सिंह और अकोड़ी के जागीरदार श्री जुझार सिंह के द्वन्द युद्ध का वर्णन है। भोजन करते समय किसी साधारण सी बात …
Sant-Basant संत-बसंत लोकगाथा परिचय
बुन्देलखण्ड की कुछ गाथाओं में पातिव्रत, प्रेम, भ्रातृप्रेम और लोक संस्कृति का अटूट भण्डार दिखाई देता है। भ्रातृप्रेम के क्षेत्र में Sant-Basant नाम की लोक गाथा का महत्त्वपूर्ण स्थान है। बुन्देलखण्ड…
Surhin Gatha सुरहिन गाथा-लोकगाथा परिचय
बुन्देलखण्ड मे Surhin Gatha सुरहिन गाथा प्रायः नवरात्रि के अवसर पर गाई जाती है। गाथा के बीच-बीच में हर-पंक्ति में माँ को संबोधित किया जाता है। बुंदेली लोक-वाद्यों के साथ इस…
Sake ke Prakar साके के प्रकार
बुंदेलखण्ड के ‘साकों’ की रचना का मूल आधार तो प्रशंसा ही है, किसी भी व्यक्ति विशेष के बारे में बढ़ा चढ़ा कर लिखना, उस व्यक्ति का गुणगान करना, उस व्यक्ति…
Bundeli sake ki Visheshta बुन्देली साके की विशेषता
बुन्देलखंड की लोक-गाथाओं का ‘साके’ एक प्रमुख प्रकार हैं। साकेकारों ने अपने आश्रयदाताओं की प्रशंसा तो खूब बढ़ा-चढ़ाकर की है। Bundeli sake ki Visheshta है कि, किसी भी कायर राजा…
