शंकर और घरघालन – बनाफ़री लोक कथा

किस्सा सी झूठी न बात सी मीठी। घड़ी घड़ी कौ विश्राम, को जाने सीताराम। न कहय बाले  को दोष, न सुनय  बाले का दोष। दोष तो वहय जौन किस्सा बनाकर…

राजा के लड़के और नेवला-बनाफरी लोक कथा

बुन्देलखण्ड की समृद्ध लोक परंपरा में बनाफरी लोककथाओं का विशेष स्थान है। ‘राजा के लड़के और नेवला’ बनाफरी लोककथा की ऐसी कथा है, जिसमें लोकजीवन, मानवीय भावनाओं, बुद्धिमत्ता और नैतिक…

राजा की लड़की नाई का श्राप-बनाफरी लोक कथा

बुन्देलखण्ड की लोकसाहित्य परंपरा में बनाफरी लोककथाओं का अपना विशिष्ट महत्त्व है। ये लोककथाएँ क्षेत्र की लोकभाषा, जनजीवन, सामाजिक मान्यताओं और पारंपरिक कथावाचन शैली का परिचय कराती हैं। ‘राजा की…