Singhalgadh Ki Ladai- Kathanak  सिंहलगढ़ की लड़ाई- कथानक

लेखा पद्मिनी तीन  फेरे के बाद बोली मैं कोई चोरी-चोरी विवाह नहीं करना चाहती। शेष चार फेरे तब होंगे, जब सिंहल द्वीप में आओगे। युद्ध में मुझे जीत करके प्राप्त…