किसी साहित्यकार के समृद्ध साहित्य से श्रेष्ठ और महत्वपूर्ण उसकी सामाजिकता है, उसकी जनपक्षधरता है, उसके राष्ट्रीय दायित्व हैं …शायद यही उसका मसिधर्म भी है। Shri Nihal Chandra Shivhare ऐसे…

किसी साहित्यकार के समृद्ध साहित्य से श्रेष्ठ और महत्वपूर्ण उसकी सामाजिकता है, उसकी जनपक्षधरता है, उसके राष्ट्रीय दायित्व हैं …शायद यही उसका मसिधर्म भी है। Shri Nihal Chandra Shivhare ऐसे…